Stockholm. चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार सोमवार को कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगेमन और जॉर्ज नागेल को देने की घोषणा की गई जिन्होंने इस बात पर अनुसंधान किया है कि मस्तिष्क व्यक्तिगत तंत्रिका कोशिकाओं (नर्व सेल्स) की गतिविधियों को चालू या बंद करने के लिए किन प्रणालियों का उपयोग करता है. डीसेरोथ (54), हेगेमन (71) और नागेल (73) ने लाइट-गेटेड आयन चैनलों और ऑप्टोजेनेटिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान किया है. ये वैज्ञानिक जर्मनी और अमेरिका के विश्वविद्यालयों में कार्यरत हैं. नोबेल समिति ने उनके काम की सराहना करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि इस तकनीक का उपयोग अब ‘‘मस्तिष्क के रहस्यों को उजागर करने के लिए दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में किया जा रहा है. नोबेल असेंबली के अनुसार, डीसेरोथ कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं, जबकि हेगेमन बर्लिन की हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी में और जॉर्ज नागेल जर्मनी की वुर्ट्ज़बर्ग यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं.
नोबेल समिति के अनुसार, ऑप्टोजेनेटिक्स ने तंत्रिका विज्ञान (न्यूरोसाइंस) में एक नए युग की शुरुआत की है. उसने इसे मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं (नर्व सेल्स) और सर्किट को चालू और बंद करने के लिए प्रकाश से नियंत्रित होने वाले एक ‘स्विच’ की खोज बताया. इसका उद्देश्य यह बेहतर ढंग से समझना है कि मस्तिष्क कैसे काम करता है यानी उन मार्गों की गुत्थी सुलझाना जो व्यवहार और बीमारियों का कारण बनते हैं. इसकी शुरुआत तब हुई जब हेगेमन ने इस बात पर अध्ययन किया कि हरे शैवाल (एल्गी) की एक एकल-कोशिकीय प्रजाति प्रकाश की ओर कैसे तैरती है.
उन्होंने और नागेल ने एक विशेष प्रोटीन की खोज की, जो नीले प्रकाश की रोशनी पड़ने पर एक चैनल (मार्ग) खोलता है और एक विद्युत आवेग (इलेक्ट्रिकल इंपल्स) पैदा करता है. जब उस प्रोटीन को अन्य कोशिकाओं में डाला जाता है, तो वे कोशिकाएं भी प्रकाश के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं.
इसके बाद, डीसेरोथ ने उस प्रोटीन को नियंत्रित करने वाले जीन पर काम किया ताकि जीवित चूहों के मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं के लिए प्रकाश से नियंत्रित होने वाला एक स्विच बनाया जा सके. डीसेरोथ, जो खुद को देर रात तक जगने वाला इंसान बताते हैं, ने कहा कि वह उत्तरी कैलिफोर्निया स्थित अपने घर में देर रात तक शोध पत्र (पेपर्स) लिखने और अपने छात्रों को ईमेल भेजने का काम कर रहे थे. वे अभी सोने ही वाले थे कि उन्हें नोबेल समिति का फोन आ गया.
सोमवार को चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार की घोषणा के बाद मंगलवार को भौतिकी, बुधवार को रसायन विज्ञान और बृहस्पतिवार को साहित्य के पुरस्कारों की घोषणा होगी. शुक्रवार को शांति के नोबेल पुरस्कार की घोषणा के बाद 12 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के नोबेल स्मृति पुरस्कार की घोषणा की जाएगी.



