New Delhi. मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान करोड़ों पात्र नागरिकों को मताधिकार से वंचित करने के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग ने अपने राज्य निर्वाचन अधिकारियों को उन क्षेत्रों में ‘‘छूटे हुए’’ और नए मतदाताओं को तुरंत शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जहां मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम पूरा हो चुका है।
इस अभियान का मकसद उन उन पात्र मतदाताओं को फिर से सूची में शामिल करना है जिनके नाम गहन पुनरीक्षण के दौरान छूट गए थे या हटा दिए गए थे। इसके अलावा पहली बार मतदान करने वाले और ‘‘युवा मतदाताओं’’ का पंजीकरण भी किया जाएगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ बृहस्पतिवार को हुई ऑनलाइन बैठक के बाद जारी आधिकारिक सूचना में ये निर्देश दिए गए।
आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है और किसी भी पात्र नागरिक का नाम इसलिए नहीं हटाया जाना चाहिए क्योंकि एसआईआर के दौरान उनकी गणना नहीं हो पाई थी। बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देश दिया गया है कि वे मौजूदा मतदाता सूचियों का एसआईआर से पहले की सूचियों के साथ मिलान कर उन मतदाताओं की पहचान करें जिनके नाम पहले मौजूद थे लेकिन अंतिम सूची से हटा दिए गए।
बीएलओ सभी चिह्नित छूटे हुए लोगों का घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। प्रत्येक अधिकारी को हर सप्ताह 20 से 25 मतदाताओं की जांच करने और इस सत्यापन अभियान को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


