रांची. झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने राज्य के नागरिकों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. Fateh Live पर प्रकाशित खबर के अनुसार, राज्य में अब जाति, आय, स्थानीय निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के प्रमाण पत्र ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यम से भी बनाए और जारी किए जा सकेंगे. सरकार के संयुक्त सचिव अमर कुमार ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं.
निर्णय का मुख्य उद्देश्य और पृष्ठभूमि
राज्य सरकार को लगातार यह जानकारी मिल रही थी कि विभिन्न अंचल और अनुमंडल कार्यालयों में बड़ी संख्या में प्रमाण पत्रों के आवेदन लंबित पड़े हैं. इसके कारण छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों को शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन (एडमिशन), सरकारी नौकरियों में आवेदन और आरक्षण का लाभ उठाने में काफी विलंब और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था.
इन लंबित आवेदनों का शीघ्र अति शीघ्र निष्पादन करने और नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने ऑफलाइन प्रक्रिया की अस्थायी अनुमति प्रदान की है.
नियम और समयावधि
विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जाति प्रमाण पत्र को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से जारी करने का प्रावधान फरवरी 2022 के परिपत्र (संख्या-1015) के तहत पहले से लागू है. अब इसी व्यवस्था का विस्तार करते हुए आदेश निर्गत होने की तिथि से अगले तीन महीनों के लिए कार्यहित में आय, स्थानीय निवासी तथा EWS प्रमाण पत्र भी ऑफलाइन बनाने की छूट दी गई है.
सभी उपायुक्तों (DC) के लिए प्रमुख दिशा-निर्देश
मिशन मोड में कार्य: राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों में प्राप्त और लंबित आवेदनों की प्राथमिक स्तर पर जांच कर जल्द से जल्द नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी करें.
- सघन मॉनिटरिंग: उपायुक्त अपने स्तर से इस पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी करेंगे ताकि आवेदकों को बेवजह परेशानी न हो.
- ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि: ऑफलाइन माध्यम से जारी किए गए सभी प्रमाण पत्रों का रिकॉर्ड बाद में अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा.
- कार्मिक विभाग को रिपोर्ट भेजना: जिलों में लंबित, निष्पादित और नए जारी किए गए प्रमाण पत्रों का पूरा ब्योरा कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.
सरकार के इस कदम से उन हजारों अभ्यर्थियों को तुरंत राहत मिलेगी, जिन्हें तत्काल प्रभाव से प्रमाण पत्रों की आवश्यकता है.





