Consumer Commission Action : एअर इंडिया की लापरवाही से खराब हुई यात्रियों की छुट्टी, कोर्ट ने 6 यात्रियों को 16-16 हजार compensation का दिया आदेश
अचानक रद्द हुई उड़ान: भोपाल से श्रीनगर जा रहे यात्रियों को फ्लाइट से महज दो घंटे पहले टिकट रद्द होने की सूचना मिली.
यात्रियों का भारी नुकसान: उड़ान रद्द होने से यात्रियों की कश्मीर में की गई होटल, हाउसबोट और टैक्सी की एडवांस बुकिंग बर्बाद हो गई.
एयरलाइन का तर्क खारिज: एयर इंडिया ने ‘बर्ड स्ट्राइक’ को कारण बताया, लेकिन उपभोक्ता आयोग ने इसे ‘सेवा में कमी’ माना.
आयोग का फैसला: भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर इंडिया पर 96,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए सभी 6 पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश दिया.
एअर इंडिया की मनमानी पर उपभोक्ता आयोग का चाबुक
हवाई यात्रा का प्लान बना रहे यात्रियों के लिए यह खबर बेहद अहम है. अक्सर एयरलाइंस तकनीकी खराबी या अन्य कारणों का हवाला देकर आखिरी समय पर उड़ानें रद्द कर देती हैं, जिससे यात्रियों को भारी मानसिक और आर्थिक क्षति होती है. लेकिन अब भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ऐसे ही एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एयर इंडिया (Air India) को करारा झटका दिया है. आयोग ने एयरलाइन द्वारा यात्रा से महज दो घंटे पहले टिकट रद्द करने को ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) माना है और उस पर 96,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.
क्या था पूरा मामला
मामला भोपाल के रहने वाले डॉ. शैलेंद्र, सुषमा निगम और उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य चार यात्रियों से जुड़ा है. इन छह यात्रियों ने भोपाल से श्रीनगर जाने के लिए लगभग 1.18 लाख रुपये में एअर इंडिया की फ्लाइट का टिकट बुक कराया था. यात्रियों ने कश्मीर में अपनी छुट्टियां बिताने के लिए पहलगाम, गुलमर्ग और श्रीनगर में होटल, हाउसबोट और लोकल टैक्सी की एडवांस बुकिंग भी कर रखी थी.
तय तारीख पर जब यात्री एयरपोर्ट के लिए निकल चुके थे, तब उड़ान से ठीक दो घंटे पहले एयर इंडिया ने उन्हें फ्लाइट रद्द होने का मैसेज भेज दिया. हालांकि एयरलाइन ने अगले दिन की वैकल्पिक टिकट की पेशकश की, लेकिन तब तक देरी के कारण यात्रियों की पहले से की गई सभी बुकिंग्स रद्द हो चुकी थीं, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी.
बर्ड स्ट्राइक की दलील खारिज, उपभोक्ता आयोग का सख्त रुख
जब पीड़ितों ने हर्जाने के लिए एयर इंडिया से संपर्क किया और राहत नहीं मिली, तो उन्होंने भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. सुनवाई के दौरान एअर इंडिया ने सफाई देते हुए कहा कि विमान से पक्षी टकराने (Bird Strike) के कारण सुरक्षा कारणों से उड़ान रद्द करनी पड़ी थी और उन्होंने DGCA के नियमों के तहत यात्रियों को अगले दिन की वैकल्पिक फ्लाइट भी दी थी.
हालांकि, आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और पीठ के सदस्यों ने एयरलाइन की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया. आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐन वक्त पर फ्लाइट कैंसिल करने से यात्रियों का पूरा टूर प्लान चौपट हो गया, जिसकी भरपाई केवल अगली फ्लाइट देकर नहीं की जा सकती. आयोग ने एअर इंडिया को आदेश दिया कि वह सभी 6 पीड़ित यात्रियों को 16-16 हजार रुपये (कुल 96,000 रुपये) का मुआवजा अदा करे. यह फैसला उन सभी हवाई यात्रियों के लिए एक नजीर है जो एयरलाइंस की लापरवाही का शिकार होते हैं.
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