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Home » राष्ट्रगीत का अपमान करने पर 3 साल की जेल, मानसून सत्र में पेश होगा ‘वंदे मातरम बिल’
देश/दुनिया

राष्ट्रगीत का अपमान करने पर 3 साल की जेल, मानसून सत्र में पेश होगा ‘वंदे मातरम बिल’

Ocean News DeskBy Ocean News DeskJuly 17, 2026
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सांकेतिक
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  • 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण कानून भी सरकार ला सकती है 
  • विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को भी पारित कराने की तैयारी 

नई दिल्ली. केंद्र सरकार आगामी मानसून सत्र में राष्ट्रीय प्रतीकों और गीतों के सम्मान को लेकर एक बड़ा और कड़ा कानूनी कदम उठाने जा रही है. संसद के इस सत्र में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा.

इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण और गरिमा प्रदान करना है. नए प्रावधानों के तहत, राष्ट्रगीत का किसी भी प्रकार से अनादर करना अब एक गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा.

जानबूझकर व्यवधान डालने पर कठोर दंड का प्रावधान

सरकारी सूत्रों और लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन से मिली जानकारी के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या आयोजन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकने का प्रयास करता है, उसमें जानबूझकर बाधा डालता है या हंगामा खड़ा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

नए संशोधन के अंतर्गत इस प्रकार के अपराधों के लिए अधिकतम तीन वर्ष तक के कारावास (जेल) और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. सरकार का स्पष्ट तर्क है कि स्वतंत्रता संग्राम की चेतना का प्रतीक रहे राष्ट्रगीत को भी वही संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए जो राष्ट्रगान को प्राप्त है.

विधायी प्रक्रिया और संसद में सरकार की रणनीति

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को सबसे पहले राज्यसभा में पेश कर सकते हैं. लोकसभा सचिवालय की कार्यसूची में इस संशोधन विधेयक को विचार और पारित कराने के लिए पहले ही सूचीबद्ध किया जा चुका है.

विधायी रणनीतिकारों के अनुसार, सरकार को संसद के दोनों सदनों में इस कानून को पारित कराने के लिए अपने संख्या बल पर पूरा भरोसा है. इस संबंध में आवश्यक आम सहमति और समर्थन जुटाने के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रीय दलों के साथ भी लगातार संवाद किया जा रहा है, ताकि विधेयक बिना किसी बड़े गतिरोध के पारित हो सके.

सत्र के अन्य महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे

20 जुलाई से शुरू हो रहे इस मानसून सत्र में केवल राष्ट्रगीत से जुड़ा बिल ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण कानून भी सरकार के एजेंडे में शामिल हैं. इसके साथ ही विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) को भी चर्चा और पारित कराने के लिए तैयार किया गया है.

यह विधेयक पिछले बजट सत्र में ही लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन समयाभाव के कारण इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका था. इस बार सरकार इन दोनों महत्वपूर्ण संशोधनों को कानूनी रूप देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही है.

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