टाटा मोटर्स कर्मचारियों को 14 प्रतिशत बोनस में अधिकतम 85,176 रुपये और औसतन 52,637 रुपये बोनस मिलेंगे. बोनस समझौते टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट में 151 फुल टर्म अप्रेंटिस (एफटीए) की नयी बहाली पर प्रबंधन ने सहमति जतायी है.
जमशेदपुर. लौहनगरी जमशेदपुर की प्रमुख औद्योगिक इकाई टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में बहुप्रतीक्षित बोनस समझौते पर आधिकारिक मुहर लग गई है. प्लांट के जनरल ऑफिस में प्रबंधन, मान्यता प्राप्त टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन और श्रम विभाग के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए.
वार्ता के बाद प्रबंधन और यूनियन के बीच कर्मचारियों को 14 प्रतिशत (%) बोनस देने का फैसला लिया गया है. इसमें कर्मचारियों को अधिकतम 85,176 रुपये तक का भुगतान किया जाएगा. औसतन प्रत्येक कर्मचारी को 52,637 रुपये बोनस के रूप में मिलेंगे.
बोनस समझौते के साथ-साथ रोजगार के मोर्चे पर भी एक बड़ा और सकारात्मक फैसला लिया गया है. टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट में 151 फुल टर्म अप्रेंटिस (FTA) की नई बहाली पर प्रबंधन ने अपनी मुहर लगा दी है. इससे युवाओं और नए उम्मीदवानों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल गए हैं.
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य लाभ
समझौते में उन कर्मचारियों का भी पूरा ध्यान रखा गया है जो सेवानिवृत्त होने वाले हैं. सुपर एनुएशन के तहत ऐसे कर्मचारियों के लिए 15,791 रुपये की राशि तय की गई है. इसके अलावा सभी कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से 1,150 रुपये का गिफ्ट भी प्रदान किया जाएगा.
बोनस की मुख्य बातें और आंकड़े
त्रि-पक्षीय बैठक और लंबी चली वार्ताओं के बाद इस बार के बोनस की राशि तय कर दी गई है:
- अधिकतम बोनस राशि: कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस 85,000 रुपये तय किया गया है.
- औसत बोनस राशि: कर्मचारियों को मिलने वाला औसत बोनस 52,000 रुपये रहेगा.
- कुल लाभार्थी: टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट के लगभग 8,000 कर्मचारी इस समझौते के दायरे में आएंगे.
श्रम विभाग की निगरानी में हुए इस त्रिपक्षीय करार से कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हो गई है. समझौते की औपचारिक घोषणा होते ही प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव का माहौल देखने को मिला.
जश्न और परंपरा का अनूठा रंग
जमशेदपुर की पुरानी औद्योगिक परंपरा के अनुसार, बोनस समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद प्लांट परिसर के बाहर जमकर जश्न मनाया गया.
- डंके की थाप और ढोल-नगाड़े: समझौते की खुशी में पारंपरिक डंका बजाया गया और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच यूनियन नेताओं के स्वागत की तैयारियां की गईं.
- भव्य स्वागत जुलूस: यूनियन प्रतिनिधियों और नेताओं को लेने के लिए पहुंची गाड़ियों को फूलों से बेहद खूबसूरती से सजाया गया था. जनरल ऑफिस से बाहर निकलने पर कर्मचारियों और समर्थकों ने अपने नेताओं का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया.
- उत्साह का माहौल: गाजे-बाजे और नारेबाजी के बीच निकले इस जुलूस ने यह साबित कर दिया कि कर्मचारी इस समझौते से बेहद संतुष्ट और उत्साहित हैं.
औद्योगिक सौहार्द का प्रतीक
टाटा मोटर्स और यूनियन के बीच इस तरह के समझौते हमेशा से कर्मचारियों के हितों की रक्षा और औद्योगिक शांति के प्रतीक रहे हैं. कर्मचारियों के अनुसार हर साल की तरह इस बार भी बोनस समझौते के बाद उत्सव मनाने की पुरानी परंपरा को जीवंत रखा गया, जो प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाता है.
इस बंपर बोनस के मिलने से न केवल कर्मचारियों का आर्थिक संबल मजबूत होगा, बल्कि त्योहारी सीजन से पहले जमशेदपुर के स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ने की पूरी उम्मीद है.



