New Delhi. केन्या की सरकार एक फैसले ने भारत को झटका दिया है. उसने टाटा केमिकल्स को अपना कामकाज बंद करने का आदेश जारी कर दिया है. केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने गुरुवार, 3 सितंबर को इसकी घोषणा की. विलियम का आरोप है कि भारतीय कंपनी के काम से उनके देश को कोई मुनाफा नहीं हुआ है. अपने बयान में राष्ट्रपति रुटो ने ये तक कहा, ‘क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?’ रुटो ने यह भी कहा कि केन्या सरकार देश में 2 नई कंपनियां लाएगी, जो टाटा केमिकल्स के मौजूदा कामकाज को संभालने का काम करेंगी.
दरअसल, इसी साल जुलाई के आखिरी सप्ताह में टाटा केमिकल्स ने कहा था कि केन्या सरकार ने उसकी केन्याई यूनिट को मगाडी सोडा फैक्ट्री में कामकाज रोकने और सोडा एश के एक्सपोर्ट को बंद कर देने का आदेश दे दिया है.
केन्या सरकार और टाटा केमिकल्स में ‘विवाद’
राष्ट्रपति रुटो का यह बयान इसी घटना के कुछ हफ्तों बाद आया है. उन्होंने काजियोडो में कंपनी के लंबे समय से बने रहने की आलोचना की. साथ ही कहा कि कंपनी इलाके की औद्योगिक क्षमता बनाने में नाकाम रही है. टाटा केमिकल्स केन्या में मगाडी सोडा का बिजनेस करती है, जो सोडा ऐश (सोडियम कार्बोनेट) बनाती है. यह एक तरह का केमिकल होता है, जिसका इस्तेमाल ग्लास और अन्य मैन्युफैक्चरिंग के काम में किया जाता है. मगाडी का काम कंपनी और केन्या सरकार के बीच हालिया विवादों का केंद्र भी रहा है.



