नई दिल्ली. नोएडा के सेक्टर-53 स्थित केंद्रीय विहार-2 में एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां लोकसभा में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत एक अधिकारी ने भारी आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में आकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इस घटना से पूरे इलाके और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है.
घटना का विवरण
मृतक की पहचान 40 वर्षीय गौरव गौतम के रूप में हुई है, जो केंद्रीय विहार-2 के पॉकेट-7 में अपने परिवार के साथ रहते थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना रविवार की है. रविवार शाम गौरव गौतम की पत्नी किसी काम से दिल्ली गई हुई थीं और घर पर कोई नहीं था. जब उनकी पत्नी देर शाम वापस लौटीं, तो उन्होंने घर का दरवाजा अंदर से बंद पाया और कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने भीतर झांककर देखा. उन्होंने पति गौरव का शव पंखे से लटका हुआ पाया.
उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और तुरंत मदद के लिए दौड़े. परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नोएडा के सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की.
10 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
पुलिस की शुरुआती जांच के दौरान मृतक के कमरे से एक 10 पन्नों का विस्तृत सुसाइड नोट बरामद हुआ है. इस सुसाइड नोट में उनकी आत्महत्या के पीछे की मुख्य वजह आर्थिक तंगी और भारी-भरकम कर्ज को बताया गया है. नोट के अनुसार, विभिन्न कारणों से गौरव गौतम पर लगभग 70 लाख रुपये का भारी कर्ज हो गया था, जिसे चुकाने में वह असमर्थ महसूस कर रहे थे.
इसी बढ़ते मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव के चलते उन्होंने यह अत्यंत कदम उठाया. सुसाइड नोट में यह बात भी स्पष्ट रूप से लिखी गई है कि उनकी इस मौत के लिए उनके परिवार का कोई भी सदस्य जिम्मेदार नहीं है.
पुलिस की जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. मौके से मिले 10 पन्नों के सुसाइड नोट को पुलिस ने सुरक्षित कब्जे में ले लिया है. सुसाइड नोट की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए उसकी हैंडराइटिंग और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है.
इसके साथ ही, पुलिस उनके मोबाइल फोन, पिछले वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और कर्ज देने वालों के बारे में भी गहनता से छानबीन कर रही है. फॉरेंसिक और पुलिस जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी. इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अत्यधिक मानसिक दबाव और वित्तीय संकट से जूझ रहे लोगों की सुरक्षा और काउंसलिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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