लेह (लद्दाख). कंबोडिया में आये विनाशकारी भूकंप के 24 घंटे के भीतर ही केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में गुरुवार सुबह-सुबह धरती के तेज झटकों ने लोगों को दहला दिया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, सुबह 06:05 बजे क्षेत्र में 5.53 की तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. सुबह-सुबह आए इन झटकों से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घबराकर घरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे.
भूकंप का केंद्र और गहराई
भूकंप विज्ञान केंद्र द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप का अक्षांश 36.881 उत्तर और देशांतर 74.402 पूर्व में दर्ज किया गया. इसका केंद्र लेह, लद्दाख के पास स्थित था और इसकी गहराई सतह से 10 किलोमीटर नीचे मापी गई. जमीन से कम गहराई पर केंद्र होने के कारण सतह पर झटकों का असर काफी तेज और स्पष्ट रूप से महसूस किया गया.
दहशत का माहौल, लोग सड़कों पर निकले
सुबह के वक्त जब ज्यादातर लोग सो रहे थे या दिनचर्या की शुरुआत कर रहे थे, तभी अचानक पंखे, खिड़कियां और बर्तन हिलने लगे. गड़गड़ाहट की आवाज के साथ आए झटकों से लोग दहशत में आ गए. एहतियात के तौर पर लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर तुरंत बहुमंजिला इमारतों और मकानों से बाहर निकल आए. काफी देर तक लोग सुरक्षा के लिहाज से सड़कों और खुले स्थानों पर एकत्र रहे.
नुकसान की स्थिति
राहत की बात यह है कि खबर लिखे जाने तक इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के बड़े नुकसान या इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की कोई खबर नहीं है. स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है.
पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ा डर
लद्दाख और जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भूकंपीय दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील श्रेणी (सीस्मिक ज़ोन IV और V) में आता है. इससे पहले भी इस पूरे हिमालयी क्षेत्र में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हल्के व मध्यम तीव्रता के झटके महसूस किए जाते रहे हैं. हाल ही में अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में आए 5.3 तीव्रता के भूकंप के हल्के असर भी इस क्षेत्र में देखे गए थे.
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के झटके भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण आते रहते हैं. प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है, साथ ही आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए जरूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी है.



