रांची. झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत अब हर घर के पते और मकान संख्या से जुड़ी समस्याओं का स्थाई समाधान किया जाएगा. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मकान संख्या को लेकर मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि दावा-आपत्ति चरण के दौरान इन सभी विसंगतियों को पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा.
4 सितंबर तक चलेगा दावा-आपत्ति का चरण
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, पांच अगस्त को प्रकाशित मतदाता सूची प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) में पुरानी मकान संख्याओं को ही आगे बढ़ाया गया था. गणना चरण के दौरान मकानों के क्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया था. अब चार सितंबर तक चलने वाले दावा-आपत्ति चरण में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मकान संख्या से जुड़े मुद्दों का निराकरण करेंगे. मतदाता इस दौरान अपने नाम, पते या परिवार के सदस्यों की जानकारी में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मकान संख्या को लेकर मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि दावा-आपत्ति चरण के दौरान इन सभी विसंगतियों को पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा.
क्या है नोशनल हाउस नंबर और यह क्यों है जरूरी?
राज्य के कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्थिति यह है कि नए बने मकानों को संबंधित स्थानीय निकायों, नगर निगमों या ग्राम पंचायतों द्वारा अब तक अलग मकान नंबर आवंटित नहीं किया गया है. इसी तरह बहुमंजिला इमारतों और अपार्टमेंट्स में बिल्डरों द्वारा दिए गए फ्लैट नंबरों के मानकीकरण की समस्या रहती है.
इस वजह से मतदाता सूची में एक ही मकान नंबर पर कई अलग-अलग परिवारों या मतदाताओं के नाम दर्ज दिखते हैं. इस तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘नोशनल हाउस नंबर’ (प्रतीकात्मक मकान संख्या) आवंटित करने की व्यवस्था बनाई है. संबंधित BLO अपने अनुभाग के अंतर्गत ऐसे सभी घरों को एक व्यवस्थित नोशनल हाउस नंबर आवंटित करेंगे, जिसे अंतिम रूप से प्रकाशित होने वाली वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा.
‘होम टू रोल’ स्टीकर से पारदर्शी होगी प्रक्रिया
अभियान को शत-प्रतिशत सफल और पारदर्शी बनाने के लिए हर घर के दरवाजे पर ‘होम टू रोल’ स्टीकर लगाया जाएगा. इस स्टीकर पर आवंटित नोशनल हाउस नंबर या स्थाई हाउस नंबर के साथ-साथ संबंधित BLO का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा.
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि नागरिक स्वयं यह जांच सकेंगे कि उनके परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में एक साथ दर्ज हैं या नहीं. यदि किसी सदस्य का नाम छूट गया है या कोई त्रुटि है, तो नागरिक सीधे स्टीकर पर दिए गए नंबर के जरिए अपने BLO से संपर्क कर सकेंगे.
निर्वाचन आयोग की इस सकारात्मक और सुगम पहल से राज्य के लाखों मतदाताओं को राहत मिलेगी और आगामी चुनावों से पहले एक शुद्ध व अपडेटेड मतदाता सूची तैयार हो सकेगी.


