मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए रेड अलर्ट जारी किया. गलत, असत्य विवरण या फर्जी दस्तावेज पेश करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी.खतियान, वंशावली और पारिवारिक दस्तावेजों की बारीकी से जांच का दिया निर्देश.
रांची. झारखंड के निर्वाचन तंत्र पर एक बड़ा संकट मंडरा रहा है. राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक गंभीर सच सामने आया है. कुछ विदेशी नागरिक भारतीय नागरिकों के जमीन से जुड़े खतियान और खानदान की वंशावली में हेरफेर करके फर्जी तरीके से मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. इस बात का भंडाफोड़ होने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं.
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन को साफ निर्देश दिया गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति गलत, असत्य विवरण या फर्जी दस्तावेज पेश करता है, तो उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और अन्य कठोर कानूनों के तहत बिना किसी ढील के सीधी कानूनी कार्रवाई की जाए.
इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश मिले हैं कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जमा किए गए हर खतियान, वंशावली और पारिवारिक दस्तावेजों की बारीकी से जांच हो. चौंकाने वाली बात यह है कि इस साजिश में स्थानीय लोगों की मिलीभगत की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी खतियान धारक या स्थानीय व्यक्ति की इस फर्जीवाड़े में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा और उस पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.
जांच का दायरा सिर्फ नए आवेदनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उम्र से जुड़ी गड़बड़ियों और विसंगतियों का भी पूरा हिसाब लिया जाएगा. यदि एक ही माता-पिता की कई संतानों के रिकॉर्ड में उम्र का असामान्य अंतर मिलता है, तो उनके जन्म प्रमाण पत्रों का गहन मिलान होगा. वहीं, महिला मतदाताओं के सत्यापन के लिए उनके पैतृक परिवार के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे ताकि किसी भी फर्जी प्रविष्टि को पकड़ा जा सके.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस सख्त चेकिंग अभियान का मकसद किसी भी असली और वैध भारतीय नागरिक को परेशान करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि मतदाता सूची में छिपी फर्जी प्रविष्टियों और विसंगतियों का पूरी तरह सफाया करना है.
आम जनता से भी अपील की गई है कि अगर उनके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति वंशावली बदलकर मतदाता बनने का प्रयास करता दिखता है, तो तुरंत इसकी सूचना निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) को देकर इस बड़ी साजिश को नाकाम करें.





