रांची. झारखंड सरकार ने राज्य की विभिन्न जेलों में लंबे समय से सजा काट रहे 26 बंदियों को कारा से मुक्त करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना संख्या 3582 के तहत यह फैसला लिया गया है, जिससे कई सालों से सजा काट रहे कैदियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है.
रिहा होने वाले कैदियों में हत्या और अन्य गंभीर मामलों में सजा पूरी या लगभग पूरी कर चुके बंदी शामिल हैं, जिनके आचरण और सजा की अवधि को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया शुरू की गई है.
रिहा होने वाले 26 बंदियों की जेल-वार पूरी सूची:
घाघीडीह सेंट्रल जेल (जमशेदपुर)
- काजल मांझी (58 वर्ष) – निवासी: बिरसानगर जोन नंबर 7, जमशेदपुर
- अशोक दास (40 वर्ष) – निवासी: टैंक रोड, कदमा, जमशेदपुर
- दारा भुइयां – निवासी: ह्यूम पाइप, सीतारामडेरा, जमशेदपुर
- लखन महतो – निवासी: मातकीडीह, ईचागढ़ (सरायकेला-खरसावां)
- राजेश लोहार (38 वर्ष) – निवासी: गांगूडीह, चांडिल (सरायकेला-खरसावां)
- अशोक महतो (41 वर्ष) – निवासी: खरसावां (सरायकेला-खरसावां)
- सोमा सिंकू (55 वर्ष) – निवासी: कोलाई साई, जगन्नाथपुर (पश्चिम सिंहभूम)
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार (रांची)
- बिजेंद्र कुमार उर्फ गोलू (39 वर्ष) – निवासी: सोनारी (नवरंग मोहल्ला), जमशेदपुर (2011 के चर्चित हत्याकांड का बंदी)
- परमेश्वर नोगेसिया उर्फ दुखिया नोगेसिया (52 वर्ष) – निवासी: किस्को, लोहरदगा
- मोगो उरांव उर्फ भोगो उरांव (51 वर्ष) – निवासी: लापुंग, रांची
दुमका सेंट्रल जेल
- दिलावर अंसारी
- वासुदेव मंडल
- बाबू रल्ली उर्फ बाबर मुर्मू
- अनिल यादव
अधिसूचना के तहत राज्य की अन्य जेलों से रिहा होने वाले शेष 12 बंदियों के कागजी दस्तावेजों की औपचारिक प्रक्रिया संबंधित कारा प्रशासन द्वारा पूरी की जा रही है.
सरकार के इस कदम से वर्षों से जेल में बंद कैदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से वापस जोड़ने का अवसर मिलेगा. संबंधित जेलों में अब कागजी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं ताकि कैदियों को शीघ्र रिहा किया जा सके.


