रांची. झारखंड सरकार ने राज्य में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक एवं न्यायिक कदम उठाया है. प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली, पेपर लीक, नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े सभी आपराधिक मुकदमों की त्वरित सुनवाई के लिए रांची में एक विशेष अदालत (Special Court) का गठन किया गया है.
अपर न्याययुक्त प्रथम की अदालत में होगी सुनवाई
विशेष अदालत का गठन झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश और राज्य विधि विभाग (प्रधान सचिव सह विधि परामर्शी) की जारी अधिसूचना के तहत किया गया है. अब राज्य के किसी भी जिले में परीक्षा से संबंधित गड़बड़ी, अनुचित साधनों का प्रयोग, दूसरे के स्थान पर परीक्षा देना (इम्पॉर्सोनेशन) या तकनीकी साधनों के जरिए धांधली का मामला दर्ज होता है, तो उसकी सुनवाई रांची स्थित अपर न्याययुक्त प्रथम (Additional Judicial Commissioner-1) की अदालत में ही होगी.
‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023’ के तहत कार्रवाई
यह पूरी न्यायिक व्यवस्था ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों के नियंत्रण एवं रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2023’ की धारा 26 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है. इस कानून के तहत परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़, पेपर लीक और अनधिकृत एक्सेस जैसे मामलों को गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है.
मामलों के बेहतर प्रबंधन और ट्रैकिंग के लिए सिविल कोर्ट रांची के कोर्ट इनफॉरमेशन सिस्टम (CIS) ऐप में ‘Examination Cases’ नाम से एक नई अलग श्रेणी बनाई गई है. राज्यभर से आने वाले सभी परीक्षा-संबंधित मुकदमों को इसी श्रेणी के तहत पंजीकृत कर सूचीबद्ध किया जाएगा.
JPSC धांधली मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई 2 सितंबर को
इस नई व्यवस्था के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा धांधली से जुड़े मामले में भी न्यायिक कार्रवाई जारी है. गड़बड़ी कर परीक्षा उत्तीर्ण करने के आरोपी रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और अभ्यर्थी उपलब्ध कराने वाले कथित एजेंट उमाकांत उरांव ने सीआईडी (CID) कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है. अदालत ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तिथि निर्धारित की है.
इस विशेष कोर्ट के गठन का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान होने वाले अपराधों पर कड़ी निगरानी रखना, मुकदमों का शीघ्र निपटारा करना और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर नकेल कसना है.




