Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » E20 पेट्रोल का ‘गुलाबी सच’: पर्यावरण की सुरक्षा या आम आदमी की जेब और गाड़ी पर भारी आफत?
देश/दुनिया

E20 पेट्रोल का ‘गुलाबी सच’: पर्यावरण की सुरक्षा या आम आदमी की जेब और गाड़ी पर भारी आफत?

AdminBy AdminJuly 4, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
प्रतीकात्मक
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

भारत सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी के तहत देश भर के पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित ईंधन) की आपूर्ति तेजी से बढ़ रही है. सरकार का तर्क है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और किसानों की आय बढ़ेगी. लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है. सोशल मीडिया से लेकर मैकेनिक की दुकानों तक, आम वाहन चालकों का गुस्सा और चिंताएं चरम पर हैं.

इंजन सीज होने के दावे और गाड़ी मालिकों का दर्द

वर्तमान में सबसे बड़ी बहस इस बात को लेकर है कि क्या E20 पेट्रोल गाड़ियों के इंजन को अंदर से खोखला कर रहा है? सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो की बाढ़ आ गई है जहाँ लोग पेट्रोल पंपों से बोतलों में गुलाबी, पीला या ‘रूह अफ़ज़ा’ जैसे रंग का ईंधन निकलते हुए दिखा रहे हैं.

आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पेट्रोल के इस्तेमाल से अचानक गाड़ियाँ बंद हो रही हैं और उनके इंजन सीज होने की नौबत आ रही है. हाल ही में राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच कुछ बड़े उदाहरण भी सामने आए हैं:

फ्यूल पंप का खराब होना: कई उपभोक्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने दावा किया है कि इस नए ईंधन के कारण उनकी नई और भरोसेमंद गाड़ियों के फ्यूल पंप अचानक चोक या खराब हो रहे हैं.

इंजन सीज होने का डर: कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत समेत कुछ नेताओं और आम नागरिकों ने अपनी गाड़ियों के इंजन इस ईंधन की वजह से सीज होने के दावे किए हैं, जिससे लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है.

घटता माइलेज: दोहरी मार झेलती आम जनता

सरकार ने खुद यह स्वीकार किया है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों के माइलेज में मामूली कमी आती है. लेकिन जनता का सवाल सीधा है—जब माइलेज कम मिल रहा है, तो पेट्रोल की कीमतें कम क्यों नहीं की जा रही हैं?

  • आम आदमी को आज दोहरी मार झेलनी पड़ रही है:
  • ज्यादा ईंधन की खपत: माइलेज घटने के कारण गाड़ी चलाने का खर्च बढ़ गया है.

महंगा पेट्रोल: एथेनॉल (जो कि गन्ने और अनाज से सस्ता तैयार होता है) मिलाने के बाद भी उपभोक्ताओं को पेट्रोल पुरानी, आसमान छूती कीमतों पर ही खरीदना पड़ रहा है.

करोड़ों पुरानी गाड़ियों के भविष्य पर संकट

सबसे बड़ा संकट उन मध्यमवर्गीय परिवारों पर है जो पिछले कई वर्षों से अपनी पुरानी गाड़ियों का रखरखाव कर रहे हैं. 2023 से पहले बनी अधिकांश गाड़ियाँ E20 कंप्लायंट (E20 अनुकूल) नहीं हैं.

विशेषज्ञों की चिंता: एथेनॉल में नमी (पानी) सोखने की प्रवृत्ति होती है. जब यह लंबे समय तक पुरानी गाड़ियों के लोहे के टैंक या रबर की पाइपलाइनों के संपर्क में रहता है, तो जंग लगने और पार्ट्स के गलने का खतरा बढ़ जाता है. बिना किसी पूर्व तैयारी या स्पष्ट गाइडलाइन के इस ईंधन को थोपने से देश की करोड़ों पुरानी गाड़ियों के कबाड़ में बदलने का खतरा मंडरा रहा है.

क्या वाकई यह किसी ‘लॉबी’ का खेल है?

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और इसके खिलाफ जानबूझकर एक ‘खास लॉबी’ द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है जिसके व्यावसायिक हित प्रभावित हुए हैं.

लेकिन आम जनता का कहना है कि अगर यह सिर्फ एक भ्रम है, तो सरकार को तुरंत सामने आकर पेट्रोल के बदलते रंगों (गुलाबी/पीले पेट्रोल) की सच्चाई स्पष्ट करनी चाहिए. जब तक आम आदमी को गैरेज के चक्कर काटने और भारी-भरकम बिल चुकाने से राहत नहीं मिलती, तब तक कागजी दलीलें उनके गुस्से को शांत नहीं कर पाएंगी. सरकार को पर्यावरण सुधार के साथ-साथ आम जनता की जेब और उनके वाहनों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना ही होगा.

E20 पेट्रोल E20 पेट्रोल के नुकसान Engine Damage एथेनॉल ब्लेंडिंग गुलाबी पेट्रोल नितिन गडकरी
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleविश्वास की हत्या: पति को मौत के घाट उतारकर बाथरूम में दफनाया, 45 दिनों तक ‘आँसू’ बहाती रही कातिल पत्नी
Next Article बागबेड़ा : 15 वर्षों बाद कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 के 50 घरों में पहुंचा नल का पानी, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के प्रयास लाया रंग
Admin
  • Website

Related Posts

देश/दुनिया

CJP के संसद मार्च पर पुलिस की कार्रवाई की जांच करेंगे SC के पूर्व जज, कमेटी का गठन आज

August 19, 2026
देश/दुनिया

अमेरिका को भारत से सीखने की जरूरत, जाने ट्रंप ने ईवीएम और पेपर बैलट पर ऐसा क्या कहा जिसकी भारत में होने लगी चर्चा

August 18, 2026
देश/दुनिया

बैंकिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी, विकसित भारत 2047 के लिए बनेगी उच्च-स्तरीय समिति : निर्मला सीतारमण

August 17, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

CJP के संसद मार्च पर पुलिस की कार्रवाई की जांच करेंगे SC के पूर्व जज, कमेटी का गठन आज

August 19, 2026

JSSC-CGL घोटाले में मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार, अब सड़क पर उतरे चयनित अभ्यर्थी, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

August 18, 2026

BIHAR : उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, ‘मुख्यमंत्री शोध नवाचार योजना’ को कैबिनेट से जल्द मंजूरी की तैयारी, प्रोफेसरों को मिलेंगे 10 लाख

August 18, 2026

जमशेदपुर में सियासी संग्राम, मानगो नगर निगम बोर्ड बैठक में भिड़े सुधा और सरयू समर्थक, हंगामे के बीच पीछे छूटे आम जनता के मुद्दे

August 18, 2026

बिहार में प्रशासनिक फेरबदल: 18 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, सारण, सीवान और नालंदा समेत कई जिलों के एसपी बदले

August 18, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.