नई दिल्ली. देश के बहुचर्चित कोयला आवंटन घोटाले (Coal Scam) के मुकदमों की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट की विशेष सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई कर रहे दो विशेष न्यायाधीशों—सुनैना शर्मा और धीरज मोर—को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है.
क्यों उठाए गए दोनों जज?
दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को एक पत्र भेजकर दोनों जजों को “उत्कृष्ट योग्यता वाला अधिकारी” बताया और अनुरोध किया कि उनकी सेवाओं का उपयोग अन्य महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियों के लिए किया जाना आवश्यक है. सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ (मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई में) ने इस असामान्य अनुरोध को स्वीकार कर लिया.
कौन संभालेगा अब जिम्मेदारी?
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद दो नए जजों की तैनाती कर दी गई है:
- वीरेंद्र कुमार खर्ता (पूर्व में साकेत NDPS कोर्ट) — सुनैना शर्मा की जगह लेंगे.
- अजय गर्ग (पूर्व में तीस हजारी Fast-Track कोर्ट) — धीरज मोर का पदभार संभालेंगे.
फैसले सुनाने के लिए दिए गए विशेष निर्देश
हाई कोर्ट ने ट्रांसफर किए गए दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पदभार छोड़ने से पहले जिन मामलों में फैसले सुरक्षित रख लिए गए थे, उन्हें 2 से 3 सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से सुनाया जाए.
गौरतलब है कि जज सुनैना शर्मा ने इसी वर्ष जनवरी में पदभार संभाला था (मात्र 6 महीने का कार्यकाल) और धीरज मोर अप्रैल 2025 से इस पद पर थे. वर्तमान में इन विशेष अदालतों के समक्ष सीबीआई भ्रष्टाचार से जुड़े करीब 29 मामले लंबित हैं, जबकि 27 से अधिक मामलों का पहले ही निपटारा किया जा चुका है.


