जमशेदपुर. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (10 सितंबर) के अवसर पर शहर की जानी-मानी संस्था ‘जीवन’ (सुसाइड प्रिवेंशन सेंटर) ने एक सकारात्मक और राहत भरी जानकारी साझा की है. संस्था के अनुसार, जहां एक ओर पिछले 10 वर्षों में पूरे भारत में छात्र आत्महत्याओं के मामलों में 80% की बढ़ोतरी हुई है, वहीं इसके विपरीत जमशेदपुर में छात्रों की आत्महत्याओं में 54% की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है.
मानसिक तनाव, अवसाद और सामाजिक दबाव के बीच आत्महत्या आज के दौर की एक गंभीर वैश्विक और राष्ट्रीय चुनौती बनी हुई है. भारत में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, हर साल देश में 1.5 लाख से अधिक लोग मानसिक तनाव और अन्य कारणों से अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेते हैं. हालांकि, जमशेदपुर से सामने आये आंकड़े उम्मीद जगाने वाले हैं.
8 सितंबर 2026 को ‘जीवन’ सुसाइड प्रेवेन्शन सेंटर, 25, क्यू रोड, बिष्टुपुर के कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए ‘जीवन’ सुसाइड प्रेवेन्शन सेंटर के निदेशक डॉ. जे.आर. जैन ने यह जानकारी साझा की. उन्होंने 10 सितंबर को ‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ (10 सितंबर) के अवसर पर माइकल जॉन प्रेक्षगृह में विशेष जागरूकता कार्यक्रम में लोगों से उपस्थिति दर्ज कराकर संस्था के आत्महत्या रोकथाम के प्रयासों को अपना पूरा सहयोग और समर्थन प्रदान करने का अनुरोध किया. इस दौरान स्कूल-कॉलेजों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा.
जीवन संस्था (बिष्टुपुर) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में जमशेदपुर शहर में आत्महत्या के मामलों में लगातार गिरावट देखी गई है.
- 2020: 258 मामले (छात्र: 25)
- 2021: 255 मामले (छात्र: 23)
- 2022: 206 मामले (छात्र: 18)
- 2023: 207 मामले (छात्र: 20)
- 2024: 181 मामले (छात्र: 20)
- 2025: 175 मामले (छात्र: 15)
- 2026 (अब तक): 108 मामले (छात्र: 04)
वर्ष 2020 में जहां कुल 258 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा घट कर 175 पर आ गया. वर्ष 2026 के अब तक के आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 108 है, जो यह दर्शाती है कि लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का जमीनी असर दिख रहा है.
पारिवारिक कलह और अकेलापन सबसे बड़ी वजह
संस्था के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आती है कि आत्महत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और अकेलापन सबसे प्रमुख कारण हैं. वर्ष 2025 में पारिवारिक कलह के कारण सबसे अधिक 29 लोगों ने आत्महत्या की, जबकि 2026 में अब तक यह आंकड़ा 18 तक पहुंच चुका है. इसके अतिरिक्त, अकेलापन, प्रेम संबंधों में असफलता और पढ़ाई या परीक्षा का तनाव भी युवाओं तथा छात्रों को इस आत्मघाती कदम की ओर धकेलता है.

समय पर काउंसलिंग बनी संजीवनी
जीवन संस्था के निदेशक डॉ. जी. जैन और संयुक्त निदेशक गुरप्रीत कौर भाटिया के अनुसार, अवसाद और एंग्जायटी के लक्षणों को समय पर पहचानकर अगर सही परामर्श दिया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं. संस्था द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और औद्योगिक इकाइयों में लगातार नुक्कड़ नाटक, सेमीनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं.
‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ (10 सितंबर) के अवसर पर माइकल जॉन प्रेक्षगृह में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान स्कूल-कॉलेजों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा.
एक फोन कॉल बचा सकता है जिंदगी, तुरंत संपर्क करें
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या अकेलेपन से गुजर रहा है, तो संकोच न करें. सहायता के लिए जीवन संस्था के हेल्पलाइन नंबरों 9297777499 और 9297777500 पर संपर्क कर निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया जा सकता है. समय पर मिला एक छोटा सा संबल किसी का पूरा जीवन बदल सकता है.
क्या है ‘जीवन’ और इसकी कार्यशैली?
‘जीवन’ एक गैर-राजनीतिक, गैर-धार्मिक, गैर-लाभकारी और गैर-सहायता प्राप्त संगठन है जो पूरी तरह समर्पित स्वयंसेवकों द्वारा संचालित होता है. यह संस्था ‘बिफ्रेंडिंग’ (Befriending) यानी सक्रिय श्रवण (Active Listening) की वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से संकट में घिरे, अवसादग्रस्त और निराश लोगों को भावनात्मक संबल प्रदान करती है, ताकि वे खुद को नुकसान पहुंचाने के जोखिम से बाहर आ सकें.
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर आयोजित गतिविधियां
युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने और सहायता मांगने के महत्व को समझाने के लिए सितंबर माह में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है:
- प्रतियोगिताएं: 29 अगस्त 2026 को आरएमएस स्कूल, खुटडीह में एनिमेटेड स्टोरी बोर्ड, कहानी लेखन, मेंटल हेल्थ सुपरहीरो (अभिनय) और कक्षाओं में भावनाएं (शिक्षकों द्वारा प्रस्तुति) जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इसमें शहर के 17 प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों (जैसे केपीएस मंगो, डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल, सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट, अर्क जैन यूनिवर्सिटी आदि) ने हिस्सा लिया.
- जागरूकता रैलियां: छात्रों द्वारा तख्तियों, नारों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से रैलियां निकाली जा रही हैं. 1 सितंबर को डीबीएमएस करियर एकेडमी (60 प्रतिभागी), 2 सितंबर को विवेक विद्यालय, छोटा गोविंदपुर (50 प्रतिभागी) और 7 सितंबर को डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल (60 प्रतिभागी) ने रैली निकाली. सितंबर माह के दौरान कुल 14 ऐसी रैलियां प्रस्तावित हैं.
10 सितंबर को मुख्य समापन में जारी होगी वार्षिक रिपोर्ट
इस जागरूकता अभियान का अंतिम एवं मुख्य समापन कार्यक्रम 10 सितंबर 2026 को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में शाम 6:00 बजे से आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में सभी श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा और प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे.

इस समारोह में पूर्वी सिंहभूम के डीसी एवं संस्था के संरक्षक राजीव रंजन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में टीएसयूआईएसएल के एमडी श्री अतुल भटनगर और गेस्ट ऑफ Honor के रूप में अर्क जैन यूनिवर्सिटी के प्रो-वीसी डॉ. अंगद तिवारी शिरकत करेंगे.



