New Delhi. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा आदेश जारी करते समय उसके साथ एक घोषणापत्र संलग्न किया गया था, जिसे शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा था। आयोग की यह टिप्पणी उच्चतम न्यायालय के यह कहने के बाद आई है कि उसने फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है।
फॉर्म-6 के जरिये कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करता है। निर्वाचन आयोग की ओर से 26 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बिहार में 24 जून 2025 को एसआईआर संबंधी आदेश जारी करते समय फॉर्म-6 के साथ एक घोषणापत्र संलग्न किया गया था, जिसे शीर्ष अदालत ने 27 मई के आदेश में बरकरार रखा था। विज्ञप्ति में आयोग ने कहा था कि “एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणापत्र को माननीय उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है। उसने कहा था कि एसआईआर की अवधि के अलावा सामान्य अवधि में नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू होने वाले फॉर्म का ही इस्तेमाल किया जाएगा।


