
Jamshedpur. भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में यूरेनियम की निर्बाध उपलब्धता अहम भूमिका निभाएगी और इस लिहाज से झारखंड का जादूगोड़ा एक बार फिर राष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति के केंद्र में नजर आ रहा है। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के सीएमडी डॉ. के. आनंद राव ने रविवार को जादूगोड़ा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान परमाणु ऊर्जा विस्तार को लेकर कंपनी की योजनाओं की जानकारी दी।

भारत में परमाणु ऊर्जा को भविष्य की स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा के प्रमुख स्रोत के रूप में देखा जा रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य के साथ वर्ष 2047 तक देश में 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए परमाणु संयंत्रों की संख्या और क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ यूरेनियम की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है। यूसीआईएल इसी दिशा में अपने मौजूदा खनन क्षेत्रों के विस्तार और नए संसाधनों की तलाश पर काम कर रही है।
राजस्थान और आंध्र प्रदेश में खुलेंगी नई यूरेनियम खदानें
यूसीआईएल के सीएमडी के मुताबिक देश में यूरेनियम उत्पादन बढ़ाने के लिए राजस्थान और आंध्र प्रदेश में नई यूरेनियम खदानें शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। इसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए जरूरी ईंधन की उपलब्धता को मजबूत करना है। नई खदानों के साथ मौजूदा खदानों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी योजना का हिस्सा है। इस पूरी खबर का सबसे महत्वपूर्ण और नया पहलू कॉपर टेलिंग्स से यूरेनियम निकालने की संभावना है।
यूसीआईएल इसके लिए हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के कॉपर टेलिंग्स यानी खनन के बाद बचे अवशेषों से यूरेनियम प्राप्त करने की संभावनाओं पर काम कर रही है। अगर यह प्रक्रिया व्यावहारिक और सफल होती है तो पहले से मौजूद संसाधनों से यूरेनियम प्राप्त करने का एक नया रास्ता खुल सकता है।
परमाणु ऊर्जा से मजबूत होगी ऊर्जा सुरक्षा
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच परमाणु ऊर्जा को स्थिर और कम-कार्बन बिजली के स्रोत के तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूरेनियम उत्पादन बढ़ने से देश को परमाणु ऊर्जा क्षमता विस्तार में मदद मिल सकती है। ऐसे में जादूगोड़ा की खदानों से लेकर राजस्थान और आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित नई खदानों तक, भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का अगला चरण यूरेनियम उत्पादन बढ़ाने पर काफी हद तक निर्भर रहने वाला है।



