
Jamshedpur. जमशेदपुर के गोलमुरी में केनरा बैंक में दिनदहाड़े हुई लूट की जांच के लिए 20 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। दरअसल, मस्जिद रोड स्थित केनरा बैंक में गुरुवार को 33 करोड़ का सोना और 42 लाख नकद लूट मामले में बिहार का सुबोध सिंह गिरोह SIT के रडार पर आ गया है। गिरोह का मोडस ऑपरेंडी बारिश और सन्नाटे के समय रेनकोट या हेलमेट पहनकर बैंक में घुसना, कर्मचारियों को बंधक बनाना और मुख्य रूप से गोल्ड लोन का सोना लूटना रहा है।

सुबोध सिंह फिलहाल जेल में, पर नेटवर्क सक्रिय
सुबोध सिंह फिलहाल जेल में है, लेकिन जेल के अंदर से ही उसका नेटवर्क झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सक्रिय है।
चार साल पहले इसी तर्ज पर हुई थी डकैती
18 अगस्त 2022 को मानगो स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में भी दिनदहाड़े इसी तर्ज पर करोड़ों की डकैती हुई थी। उस वारदात में भी डकैतों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर मुख्य रूप से गोल्ड लोन का सोना निशाना बनाया था। इस गिरोह के गुर्गे पारडीह काली मंदिर के समीप एक होटल तक बाइक से गए थे और वहां पहले से पार्क किए गए कंटेनर में छुपकर बिहार भाग गए थे। हाल ही में इस गिरोह के कई शूटर जमानत पर बाहर आए हैं।
केनरा बैंक में कैसे हुई लूट
गुरुवार सुबह छह हथियारबंद डकैतों ने करीब एक घंटे तक डकैती की। बारिश और सन्नाटे की आड़ में रेनकोट पहने पांच अपराधी सुबह 9:10 बजे बैंक में घुसे। बैंक का ताला सफाईकर्मी आकाश नाग और चाय बनाने वाली नूतन ने खोला था। दोनों को गनप्वाइंट पर लेकर बदमाश अंदर घुस गए। आम ग्राहकों के लिए बैंक खुलने का समय सुबह 10 बजे है। बदमाश 42 लाख रुपए नकद और गोल्ड लोन के एवज में ग्राहकों से जमा कराया करीब 33.20 करोड़ रुपए मूल्य का सोना लूटकर ले गए। 23.8 किलो सोना (650 पैकेट में सीलबंद) था। डकैतों का एक साथी सीढ़ियों के पास रेकी के लिए तैनात था।


