Jamshedpur. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), ईस्टर्न ज़ोन बेंच, कोलकाता ने जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में नदियों के पास बने अवैध कचरा डंपिंग यार्ड और कचरा निस्तारण के आदेशों का पालन न होने पर कड़ा रुख अपनाया है. न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के जिलाधिकारी (District Magistrate) को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के सख्त निर्देश दिए हैं. जमशेदपुर के सोनारी इलाके में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के संगम के बेहद करीब बना यह लैंडफिल साइट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के नियमों का उल्लंघन करता है.
एनजीटी ने पूर्व में 31 दिसंबर 2024 तक इस साइट से सारा कचरा हटाने, बायो-माइनिंग करने और भूमि को फिर से ठीक करने का आदेश दिया था. इसके बाद कचरे में भीषण आग लगने की घटनाओं के बाद ट्रिब्यूनल ने राज्य प्रशासन को दो महीने के भीतर एक वैकल्पिक लैंडफिल साइट प्रदान करने और मार्च 2026 तक पुराने कचरे को पूरी तरह से समाप्त करने के निर्देश दिए थे.
कार्रवाई रिपोर्ट न सौंपने पर ट्रिब्यूनल की नाराजगी एनजीटी द्वारा 15 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि बार-बार समय दिए जाने के बावजूद पूर्वी सिंहभूम के जिलाधिकारी की ओर से अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) प्रस्तुत नहीं की गई है. हालाँकि, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) ने 8 अप्रैल 2026 को अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी थी.
27 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से होना होगा पेश
ट्रिब्यूनल ने पूर्वी सिंहभूम के जिलाधिकारी को 27 नवंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में पीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है. जिलाधिकारी भौतिक रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सुनवाई में शामिल हो सकते हैं और मामले में अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा.


