बेंगलुरु. कर्नाटक के बेंगलुरु से स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा किए गए एक चौंकाने वाले खुलासे ने देश भर में हड़कंप मचा दिया है. बेंगलुरु के बिदादी इलाके में एक फार्महाउस पर की गई छापेमारी में 5.05 करोड़ रुपये की नकली और मिलावटी दवाओं का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है. यह पूरा मामला सिर्फ एक अवैध रैकेट का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आम जनता की जान से खिलवाड़ करने का है.
कैसे चल रहा था यह खतरनाक खेल?
जांच में सामने आया है कि इस रैकेट के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बेहद कम कीमत पर सस्ती दवाइयां खरीदी जाती थीं. इसके बाद इन दवाओं को एक गुप्त फार्महाउस पर लाकर फाइजर जैसी बड़ी बहुराष्ट्रीय और जीवनरक्षक कंपनियों के नकली रैपर, लेबल और शीशियों में दोबारा पैक किया जाता था.
इस अवैध यूनिट से पुलिस और एफडीए अधिकारियों को बड़ी मात्रा में इंजेक्शन और एक्सपायर्ड दवाएं मिली हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- 5,640 शीशियां – CEFIAVIGENT 2.5 इंजेक्शन
- 1,531 शीशियां – HIZLAM इंजेक्शन
- 264 शीशियां – EMBLAVEO (फाइजर ब्रांड के नकली लेबल के साथ)
इस बड़े फर्जीवाड़े के मद्देनजर एफडीए ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 24 मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है. इसमें 16 दवा दुकानों और डिस्ट्रीब्यूटरों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं, जबकि 8 के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं.
नकली दवाओं से बचने के लिए इन 6 बातों का रखें खास ख्याल
बाजार में चल रहे इस खतरनाक खेल के बीच यह बेहद जरूरी है कि आप और आपका परिवार दवा खरीदते समय पूरी सतर्कता बरते:
- लाइसेंस वाली दुकान से ही खरीदें: हमेशा किसी रजिस्टर्ड, भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही दवा लें. किसी भी अनजान या संदिग्ध जगह से दवा खरीदने से बचें.
- पक्का बिल जरूर लें: दवा खरीदते समय हमेशा उसका जीएसटी या पक्का बिल मांगें. बिल होने पर आपके पास खरीद का कानूनी सबूत रहता है.
- पैकिंग की जांच करें: दवा की स्ट्रिप या शीशी पर छपे नाम, निर्माण (Mfg) और समाप्ति (Expiry) की तारीख, बैच नंबर को गौर से देखें. यदि छपाई धुंधली है या लेबल टेढ़ा-मेढ़ा चिपका है, तो तुरंत सावधान हो जाएं.
- क्यूआर कोड (QR Code) चेक करें: आजकल कई दवाओं पर सुरक्षा के लिए क्यूआर या जांच कोड होते हैं. यदि कोड स्कैन नहीं हो रहा है, तो फार्मासिस्ट या डॉक्टर से इसकी पुष्टि जरूर करवाएं.
- असामान्य रूप से कम कीमत: यदि कोई ब्रांडेड या महंगी जीवनरक्षक दवा आपको बाजार भाव से बहुत ज्यादा सस्ते दामों में मिल रही है, तो बिना सोचे-समझे उसे खरीदने से बचें.
- डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह लें: यदि दवा के रंग, रूप या पैकिंग को लेकर आपके मन में जरा भी संदेह पैदा हो, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें. तुरंत अपने डॉक्टर या औषधि नियंत्रण विभाग को इसकी जानकारी दें.
सेहत से समझौता जानलेवा
नकली दवा का यह कारोबार सिर्फ पैसों की धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि यह एक साइलेंट किलर की तरह है जो मरीज की रिकवरी रोकने के बजाय उसकी जान जोखिम में डाल देता है. इसलिए, अगली बार जब भी मेडिकल स्टोर जाएं, थोड़ी सी सावधानी बरतें और अपनी सेहत को सुरक्षित रखें.



