जमशेदपुर: दीपावली के पावन पर्व पर इस्पात नगरी जमशेदपुर में मानवता और सेवा भाव का एक नया अध्याय जुड़ा है। टाटा वर्कर्स यूनियन की विशेष पहल और दूरदर्शिता के परिणामस्वूप, कैंसर पीड़ितों और उनके परिजनों की राह आसान करने के लिए 114 बेड वाले अत्याधुनिक कैंसर रेस्ट हाउस का औपचारिक उद्घाटन किया गया। यह परियोजना न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है।
कैंसर जैसी गंभीर और लंबी चलने वाली बीमारी के इलाज के दौरान सबसे बड़ी चुनौती मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए अस्पताल के आसपास सुरक्षित और आरामदायक ठहरने की व्यवस्था करना होती है। आर्थिक रूप से कमजोर कई परिवारों के लिए होटलों या किराए के कमरों का खर्च उठाना असंभव होता है। इस आधुनिक रेस्ट हाउस के शुरू होने से अब दूर-दराज से आने वाले मरीजों को ठहरने की भारी समस्या से निजात मिल जाएगी। यहां मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए विशेष केबिन और आधुनिक आवास की बेहतरीन व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें तनावमुक्त और आरामदायक वातावरण मिल सके।
इस महत्वपूर्ण और सेवाभावी परियोजना का संयुक्त उद्घाटन टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरा रामम और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी ने किया। इस अवसर पर टाटा वर्कर्स यूनियन के महासचिव सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह सहित यूनियन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कमेटी मेंबर उपस्थित रहे।
तीन संस्थाओं का साझा प्रयास:
यह भव्य और कल्याणकारी परियोजना टिमकेन फाउंडेशन, टाटा स्टील और टाटा स्टील फाउंडेशन (TSF) के संयुक्त वित्तीय सहयोग से साकार हुई है, जबकि इसके कुशल संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी टाटा वर्कर्स यूनियन को सौंपी गई है।
यह पहल यह साबित करती है कि श्रमिक संगठन केवल कर्मचारियों के अधिकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के उत्थान और मानवीय सरोकारों के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। दीपावली के उल्लास के बीच इस रेस्ट हाउस का शुरू होना जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद की नई किरण लेकर आया है।


