Jamshedpur. जमशेदपुर एफसी का परिचालन बंद होने के बाद करियर को लेकर परेशान चल रहे खिलाड़ियों को अब बड़ी राहत मिली है. क्लब प्रबंधन ने अपने 12 अनुबंधित खिलाड़ियों और दो कोचों का पूरा बकाया भुगतान कर उन्हें अनुबंध से मुक्त कर दिया है. इस फैसले के बाद खिलाड़ियों पर आर्थिक नुकसान का दबाव नहीं रहा. अब वे अपनी पसंद के दूसरे क्लब से जुड़ सकते हैं.जेएफसी के बंद होने के बाद खिलाड़ियों के सामने आगे के करियर को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी. क्लब के सीईओ मुकुल चौधरी ने खिलाड़ियों को चर्चिल ब्रदर्स से जुड़ने या अपना पूरा बकाया लेकर दूसरे विकल्प तलाशने का प्रस्ताव दिया था.
चर्चिल ब्रदर्स जाने वाले खिलाड़ियों का आगे का वेतन वहां की टीम को देना था. वहीं, इस विकल्प को नहीं चुनने वालों के अनुबंध की पूरी राशि जेएफएसपीएल की ओर से चुकाने की बात कही गई थी. किसी भी खिलाड़ी या कोच ने चर्चिल ब्रदर्स जाने का विकल्प नहीं चुना. इसके बाद जेएफसी ने मौजूदा और अगले सीजन से जुड़े अनुबंधों का पूरा बकाया चुकता कर दिया.
कई खिलाड़ियों को मिला नया ठिकाना
बकाया भुगतान के बाद खिलाड़ियों ने अब दूसरे क्लबों का रुख करना शुरू कर दिया है. टाटा स्टील ने अगस्त में 2017 से आईएसएल में खेल रही जमशेदपुर एफसी की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी और स्पोर्ट्स लाइसेंस चर्चिल ब्रदर्स को महज 100 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर हस्तांतरित किया था. चर्चिल ब्रदर्स गोवा का क्लब है और इसके मालिक गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाव हैं. इस बदलाव के बाद जेएफसी की प्रथम टीम के परिचालन से जुड़े खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के भविष्य पर सवाल खड़े हुए थे, जिन्हें अब बकाया भुगतान के बाद नए विकल्प तलाशने की आजादी मिल गई है.


