Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » 1989 में Tata Sons के शेयर हस्तांतरण की शिकायत सबंधी जांच बंद की, जानें क्या है मामला?
Uncategorized

1989 में Tata Sons के शेयर हस्तांतरण की शिकायत सबंधी जांच बंद की, जानें क्या है मामला?

Ocean News DeskBy Ocean News DeskSeptember 4, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

New Delhi. महाराष्ट्र चैरिटी आयुक्त ने नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट से दिवंगत नवल एच. टाटा को 1989 में टाटा संस के 833 शेयर के हस्तांतरण की जांच की मांग वाली शिकायत को यह कहते हुए निस्तारित कर दिया कि यह लेनदेन उस समय लागू कानून के अनुरूप था। टाटा ट्रस्ट्स ने बृहस्पतिवार को बयान में यह जानकारी दी। दो सितंबर को दिए गए आदेश में 10 जून को नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट (एनआरटीटी) के न्यासी विजय सिंह द्वारा दायर शिकायत का निस्तारण किया गया। इसमें मौजूदा टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के पिता नवल एच. टाटा को करीब चार दशक पुराने शेयर हस्तांतरण की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।

टाटा ट्रस्ट्स ने कहा, ‘‘टाटा ट्रस्ट्स को महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के चैरिटी आयुक्त का दो सितंबर, 2026 का आदेश मिला है जिसमें एनआरटीटी के न्यासी विजय सिंह द्वारा 10 जून, 2026 को ईमेल के जरिये दी गई शिकायत का निपटारा किया गया है। इस शिकायत में 1989 में एनआरटीटी से टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड के 833 शेयर नवल एच. टाटा को हस्तांतरित किए जाने की जांच की मांग की गई थी। बयान में कहा गया, ‘‘टाटा ट्रस्ट्स का यह दावा सही साबित हुआ है कि शेयर के हस्तांतरण से जुड़े आरोप निराधार, बिना सबूत के और दुर्भावनापूर्ण लगाए गए थे। ये आरोप टाटा ट्रस्ट्स को बदनाम करने की एक दुर्भावनापूर्ण और सोची समझी साजिश का हिस्सा थे। इसका एकमात्र उद्देश्य टाटा ट्रस्ट्स की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था। यह ऐसी संस्था है, जिसने 130 से अधिक वर्षों से देश की सेवा की है और सार्वजनिक विश्वास, जवाबदेही तथा नैतिक आचरण के उच्चतम मानकों को लगातार बनाए रखा है।’’

टाटा ट्रस्ट्स के अनुसार, शिकायत, ट्रस्ट के जवाब और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद आयुक्त ने निष्कर्ष निकाला कि महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास अधिनियम, 1950 के तहत आगे किसी जांच की जरूरत नहीं थी। बयान के अनुसार, आयुक्त ने पाया कि वैधानिक आवश्यकताओं के कारण इन शेयर की बिक्री जरूरी थी और शेयर हस्तांतरण उचित दस्तावेजों पर आधारित था।

टाटा ट्रस्ट्स ने कहा कि ट्रस्ट को दी गई राशि का निर्धारण आयकर विभाग के संपत्ति कर आयुक्त द्वारा सहमत मूल्यांकन के आधार पर किया गया था और ट्रस्ट को इस लेनदेन से लाभ हुआ था, जो 31 मार्च, 1989 के उसके बही-खाते में दर्ज था। इसमें यह भी पाया गया कि शेयर इस शर्त के साथ हस्तांतरित किए गए थे कि उन्हें किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेचा जाएगा और वे प्राप्तकर्ता के परिवार के पास ही रहेंगे।
बयान में कहा गया कि आयुक्त ने निष्कर्ष निकाला कि यह हस्तांतरण उस समय लागू कानून के अनुरूप किया गया था।

यह विवाद इस साल उस समय फिर सामने आया जब आरोप लगाए गए कि सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के पास रखे गए शेयर को नवल टाटा को व्यक्तिगत हैसियत से पर्याप्त प्रतिफल, न्यासियों की मंजूरी या जरूरी दस्तावेजों के बिना हस्तांतरित किया गया था। टाटा ट्रस्ट्स ने इन आरोपों से इनकार किया था।

find out what is the case? In 1989 Tata Sons stopped investigating share transfer complaints
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous ArticleJamshedpur Cyber Froud:बागबेड़ा काॅलोनी के पंचायत समिति सदस्य के बैंक खाते में सेंध, तीन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में ₹1.57 लाख गायब, तीन किस्तों में निकाली गई राशि
Next Article Tata Chemicals को कामकाज बंद करने का आदेश, केन्या के राष्ट्रपति बोले-‘हम क्या दूसरों के गुलाम हैं’, कंपनी पर ये आरोप भी लगाये
Ocean News Desk
  • Website

Ocean Post का आधिकारिक News Desk, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और सबसे तेज़ ख़बरें पहुंचाने के लिए समर्पित है. हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम 24 घंटे देश-दुनिया, राजनीति, मनोरंजन, खेल और समसामयिक मुद्दों पर पैनी नज़र रखती है. हमारा प्रयास है कि पाठकों को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी दी जा सके.

Related Posts

ओसियन स्पेशल

Dalma Wildlife Sanctuary: दलमा वन्यजीव आश्रयणी में नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माण पर कार्रवाई की तैयारी, 10 करोड़ के इको कॉटेज भी सवालों के घेरे में, बिना NOC निर्माण को हटाने के निर्देश

September 4, 2026
Uncategorized

Tata Chemicals को कामकाज बंद करने का आदेश, केन्या के राष्ट्रपति बोले-‘हम क्या दूसरों के गुलाम हैं’, कंपनी पर ये आरोप भी लगाये

September 4, 2026
Uncategorized

Jamshedpur Cyber Froud:बागबेड़ा काॅलोनी के पंचायत समिति सदस्य के बैंक खाते में सेंध, तीन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में ₹1.57 लाख गायब, तीन किस्तों में निकाली गई राशि

September 4, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

Dalma Wildlife Sanctuary: दलमा वन्यजीव आश्रयणी में नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माण पर कार्रवाई की तैयारी, 10 करोड़ के इको कॉटेज भी सवालों के घेरे में, बिना NOC निर्माण को हटाने के निर्देश

September 4, 2026

Jharkhand: छात्र आंदोलन के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर 48 घंटे में कार्रवाई हो ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने झारखंड के मुख्य सचिव से मिलकर रखी मांग

September 4, 2026

Hemant Soren: शहरी जिलों में उपनगरीय टाउनशिप विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करें, सीएम हेमंत सोरेन ने दिये निर्देश

September 4, 2026

Tata Chemicals को कामकाज बंद करने का आदेश, केन्या के राष्ट्रपति बोले-‘हम क्या दूसरों के गुलाम हैं’, कंपनी पर ये आरोप भी लगाये

September 4, 2026

1989 में Tata Sons के शेयर हस्तांतरण की शिकायत सबंधी जांच बंद की, जानें क्या है मामला?

September 4, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.