रांची. बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून के कारण झारखंड में स्थिति चिंताजनक हो गई है. मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने चेतावनी जारी करते हुए राज्य के अधिकतर इलाकों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात की आशंका व्यक्त की है. अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के 16 जिलों पर भारी बारिश का असर देखा जा सकता है.
ऑरेंज और येलो अलर्ट का दायरा
31 अगस्त के लिए मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और लातेहार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा होने और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा है. इसके अलावा, गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
- 1 सितंबर: लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा.
- 2 सितंबर: दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है.
हालिया स्थिति और बारिश के आंकड़े
हाल ही में लातेहार में सबसे अधिक 61 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची में 15 मिमी, देवघर में 19 मिमी और सरायकेला-खरसावां में 13 मिमी बारिश हुई.
मानसून सीजन (1 जून से 29 अगस्त तक) में राज्य में सामान्यतः 786.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 710.6 मिमी दर्ज की गई है, जो सामान्य से 10% कम है. हालांकि, रांची (+7%), पश्चिमी सिंहभूम (+44%), सिमडेगा (+5%), साहिबगंज (+9%) और खूंटी (+2%) में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. आगामी दिनों की तेज बारिश से यह घाटा पूरा होने की संभावना है.
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए निचले इलाकों में जलजमाव, नदियां उफनाने और यातायात बाधित होने का अलर्ट जारी किया है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, जर्जर मकानों या पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली गिरने की स्थिति में पक्के मकानों के अंदर रहें.




