Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » पति चुराने का आरोप और 1 करोड़ का दावा, … जानिए क्यों साकेत कोर्ट ने खारिज की पत्नी की याचिका
देश/दुनिया

पति चुराने का आरोप और 1 करोड़ का दावा, … जानिए क्यों साकेत कोर्ट ने खारिज की पत्नी की याचिका

Ocean News DeskBy Ocean News DeskAugust 28, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

नई दिल्ली. वैवाहिक रिश्तों, धोखा और कानूनी लड़ाइयों से जुड़े एक दिलचस्प मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बेहद अहम फैसला सुनाया है. एक महिला ने आरोप लगाया कि दूसरी महिला ने उसके ‘पति को चुरा लिया’ और उसका घर तोड़ दिया. इस एवज में महिला ने पति की कथित प्रेमिका से 1 करोड़ रुपये हर्जाने (डेमेजेस) की मांग की. हालांकि, अदालत ने सारे तथ्यों और कानूनी पहलुओं को परखने के बाद याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया.

2001 में शादी से लेकर 2016 तक का घटनाक्रम

इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत काफी समय पहले हुई थी. जोड़े की शादी वर्ष 2001 में हुई थी. पत्नी के दावों के अनुसार, वर्ष 2009 में अमेरिका की एक यात्रा के बाद उसके पति के जीवन में एक अन्य महिला का प्रवेश हुआ और दोनों के बीच विवाहेत्तर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) बन गए.

धीरे-धीरे दोनों के रिश्ते में दरार गहरी होती गई और जनवरी 2013 में पति ने घर छोड़ दिया. इससे पहले वर्ष 2012 में पति ने अदालत में तलाक की अर्जी भी दाखिल कर दी थी. पत्नी का आरोप है कि पति ने वर्ष 2015 में अपनी प्रेमिका से दूसरी शादी कर ली और सितंबर 2016 में दोनों की एक बेटी भी हुई.

1 करोड़ से 50 लाख पर आया हर्जाने का दावा

पति के घर छोड़ने और दूसरी महिला के साथ रहने से आहत पत्नी ने अदालत का रुख किया. उसने पति की प्रेमिका पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर उनके रिश्ते में दखल दिया और उसके पति का प्यार उससे छीन लिया (जिसे कानून की भाषा में ‘एलियनेशन ऑफ अफेक्शन’ कहा जाता है).

शुरुआत में पत्नी ने ब्याज समेत 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया. उसका तर्क था कि तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप के कारण ही उसका हँसता-खेलता परिवार टूट गया.

अदालत का फैसला: सिर्फ अफेयर होना हर्जाने का आधार नहीं

साकेत कोर्ट के जिला जज अतुल अहलावत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि कानून की नजर में सिर्फ विवाहेत्तर संबंध होना या उससे बच्चा पैदा होना किसी तीसरे पक्ष से हर्जाना वसूलने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता.

अदालत के फैसले में मुख्य बातें

  • दबाव या उकसावे का सबूत नहीं: पत्नी यह साबित करने में पूरी तरह विफल रही कि प्रेमिका ने उसके पति को शादी तोड़ने, घर छोड़ने या अलग होने के लिए उकसाया या मजबूर किया था.
  • दो बालिगों की सहमति: कोर्ट ने कहा कि दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से संबंध बनना और उससे संतान का जन्म होना, अपने आप में यह साबित नहीं करता कि तीसरे व्यक्ति ने दुर्भावना से शादी तुड़वाई है.
  • सच्चा प्यार साबित करना जरूरी: हर्जाना पाने के लिए पत्नी को यह साबित करना पड़ता कि कथित दखल से पहले पति-पत्नी के बीच अटूट प्यार था और तीसरे पक्ष के गलत व्यवहार की वजह से ही वह प्यार खत्म हुआ.

इन ठोस साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने याचिका खारिज कर दी और साफ संदेश दिया कि वैवाहिक विवादों में केवल आरोप लगाना काफी नहीं है, बल्कि कानूनी आधारों को साबित करना आवश्यक है.

Alienation of Affection Delhi Court News Extra Marital Affair Husband Wife Dispute Legal News Ocean Post News Saket Court
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleआसमान से हुई 500-500 के नोटों की ‘बारिश’! चलती ट्रेन से फेंका पैकेट, बटोरने की मची होड़
Next Article मंगला एक्सप्रेस में खाना खाकर 30 बच्चे बीमार, कब रुकेगा IRCTC का ‘जहरीला’ कैटरिंग खेल!
Ocean News Desk
  • Website

Ocean Post का आधिकारिक News Desk, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और सबसे तेज़ ख़बरें पहुंचाने के लिए समर्पित है. हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम 24 घंटे देश-दुनिया, राजनीति, मनोरंजन, खेल और समसामयिक मुद्दों पर पैनी नज़र रखती है. हमारा प्रयास है कि पाठकों को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी दी जा सके.

Related Posts

देश/दुनिया

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन से समाप्त होता है जाति आधारित आरक्षण, अदालत ने लगाई मुहर

October 15, 2026
देश/दुनिया

क्रूरता की इंतहा: ‘नीला ड्रम कांड’ में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, मौत के खौफ से कांप रहे थे दोनों!

October 14, 2026
झारखंड

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय प्रबंधन की तानाशाही पर संघ आंदोलित, कहा – हक मांगने वाले आउटसोर्सिंग कर्मियों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं, आर-पार की चेतावनी!

October 13, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

BIHAR: रामभरोसे कानून-व्यवस्था, मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की बेटे के सामने दिनदहाड़े हत्या

October 15, 2026

पुलिस की मनमानी पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, थानों में सीसीटीवी निगरानी और जवाबदेही पर कड़ा रुख, डीजीपी तलब

October 15, 2026

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन से समाप्त होता है जाति आधारित आरक्षण, अदालत ने लगाई मुहर

October 15, 2026

क्रूरता की इंतहा: ‘नीला ड्रम कांड’ में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, मौत के खौफ से कांप रहे थे दोनों!

October 14, 2026

रेलवे चलायेगा बक्सर, लखनऊ, छपरा, मुंबई के लिए स्पेशल ट्रेनें, यहां देखें पूरी सूची

October 13, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.