पटना. बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में तैनात भूमि सुधार उप-समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा को घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार कर मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें और उनके घरेलू नौकर सुमित कुमार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
2 लाख नकद और वाशिंग मशीन की अनोखी रिश्वत
यह मामला तब सामने आया जब समस्तीपुर के विभूतिपुर निवासी मनोज कुमार ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित का आरोप था कि भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में अपने पक्ष में फैसला सुनाने के लिए DCLR द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी. शिकायत की सत्यता जांचने के बाद विजिलेंस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोसड़ा वार्ड-24 स्थित अधिकारी के सरकारी आवास पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की.
छापेमारी के दौरान अधिकारी और उनके नौकर सुमित कुमार को पीड़ित से 2 लाख रुपये नकद और 37 हजार रुपये मूल्य की एक नई वाशिंग मशीन रिश्वत के रूप में स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.
आवास से मिले कुल 15.82 लाख रुपये
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने जब DCLR के आवास की गहन तलाशी ली, तो वहां से 13.82 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई. इस प्रकार आवास से मिली कुल नकदी का आंकड़ा 15.82 लाख रुपये तक पहुंच गया.
जांच अधिकारियों के अनुसार, घरेलू नौकर सुमित कुमार केवल घर का काम ही नहीं संभालता था, बल्कि वह अधिकारी के लिए दलाल (मिडिलमैन) की भूमिका भी निभा रहा था. वह लोगों से घूस की रकम तय करने और उसे ठिकाने लगाने का काम करता था.
अदालत के आदेश पर भेजे गए जेल
शुक्रवार को विशेष लोक अभियोजक की मौजूदगी में विजिलेंस की टीम ने दोनों आरोपियों को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष कोर्ट निगरानी (उत्तर बिहार) के समक्ष पेश किया. मामले में साक्ष्यों और भारी मात्रा में बरामद नकदी को देखते हुए अदालत ने दोनों को जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया. प्रशासनिक महकमे में इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा हुआ है.





