Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » कालाबाजारियों ने चीनी की मिठास उड़्राई, सरकार का दावा – आपूर्ति पर्याप्त, बाजार में 64 से 76 रुपये भाव
देश/दुनिया

कालाबाजारियों ने चीनी की मिठास उड़्राई, सरकार का दावा – आपूर्ति पर्याप्त, बाजार में 64 से 76 रुपये भाव

Ocean News DeskBy Ocean News DeskAugust 26, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

आपूर्ति पर्याप्त होने के बावजूद खुदरा दरों का उच्च स्तर पर बना रहना यह दर्शाता है कि आपूर्ति श्रृंखला के अंतिम छोर पर निगरानी तंत्र कमजोर है. केवल मिल दरों को नियंत्रित करना या आयात की समय-सीमा बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, जब तक स्थानीय स्तर पर वितरण प्रणाली और व्यापारियों के मार्जिन को पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक उपभोक्ताओं को राहत मिलना मुश्किल है.

नई दिल्ली. देश भर में चीनी की कीमतों में आई अचानक तेजी ने आम जनता के बजट को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. खुदरा और थोक बाजारों में कीमतों की उछाल से आम आदमी की रसोई पर सीधा असर दिख रहा है, जिससे त्योहारों और दैनिक उपभोग के मौकों पर मिठास पर कड़वाहट का साया मंडराने लगा है.

हालिया दिनों में चीनी के खुदरा भाव लगभग 64 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह 76 रुपये प्रति किलो तक की रिकॉर्ड दर पर भी बिक रही है. थोक दरों में बढ़ोतरी के कारण औसत खुदरा मूल्यों में पिछले एक महीने के भीतर 31 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है.

यह भी पढ़ें : महंगी चीनी के लिए एथनॉल जिम्मेदार नहीं. सरकार ने बताया, बाजार में कैसे कृत्रिम तरीके से बढ़ाए गए दाम

हालांकि, पिछले कुछ दिनों में मिलों से निकलने वाली एक्स-मिल दरों में गिरावट आई है, लेकिन इस गिरावट का लाभ अभी तक अंतिम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाया है. थोक और खुदरा स्तर के बीच का यह अंतर मूल्य नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है.

मांग-आपूर्ति का गणित और सरकारी पक्ष

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, देश में चीनी की आपूर्ति और उत्पादन का संतुलन फिलहाल स्थिर है:

  • कुल उत्पादन अनुमान: विपणन वर्ष 2025-26 के लिए चीनी का उत्पादन (एथेनॉल निर्माण के लिए आवंटन के बाद) लगभग 279 लाख टन रहने की उम्मीद है.
  • उपलब्ध स्टॉक: शुरुआती स्टॉक 50 लाख टन के साथ कुल उपलब्धता घरेलू वार्षिक मांग (280-285 लाख टन) को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है.
  • एक्स-मिल दरें: सरकारी हस्तक्षेप और आयात नीति में ढील के बाद मिल स्तर पर दरें घटकर 55 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ चुकी हैं.

इसके बावजूद खुदरा स्तर पर कीमतों का ऊंचा बना रहना बाजार में सट्टेबाजी, मुनाफाखोरी और जमाखोरी की ओर इशारा करता है.

नीतिगत कदम और चुनौतियां

बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी है. ब्राजील जैसे देशों के बंदरगाहों पर भीड़भाड़ और माल ढुलाई में लगने वाले समय को देखते हुए विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने आयातित चीनी के प्रसंस्करण और घरेलू बिक्री की समय-सीमा को भी आसान बनाया है. इसके अलावा, जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों में जांच दस्तों को सक्रिय किया गया है.

आपूर्ति पर्याप्त होने के बावजूद खुदरा दरों का उच्च स्तर पर बना रहना यह दर्शाता है कि आपूर्ति श्रृंखला के अंतिम छोर पर निगरानी तंत्र कमजोर है. केवल मिल दरों को नियंत्रित करना या आयात की समय-सीमा बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, जब तक स्थानीय स्तर पर वितरण प्रणाली और व्यापारियों के मार्जिन को पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक उपभोक्ताओं को राहत मिलना मुश्किल है. आने वाले दिनों में यदि नीतियां धरातल पर तेजी से लागू नहीं हुईं, तो बाजार से मिठास का गायब होना तय है.

महंगी चीनी के लिए एथनॉल जिम्मेदार नहीं. सरकार ने बताया, बाजार में कैसे कृत्रिम तरीके से बढ़ाए गए दाम

DGFT एक्स मिल दरें खाद्य मंत्रालय खुदरा बाजार भाव चीनी उत्पादन चीनी की कीमत महँगाई
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous ArticleBIHAR : महिलाओं के लिए आर्थिक क्रांति, 1 करोड़ रोजगार और स्वास्थ्य-डेयरी की बड़ी पहल
Next Article JAMSHEDPUR : 24 दिन बाद भी सदर अस्पताल के नए उपाधीक्षक को नहीं मिला डीडीओ पावर
Ocean News Desk
  • Website

Ocean Post का आधिकारिक News Desk, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और सबसे तेज़ ख़बरें पहुंचाने के लिए समर्पित है. हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम 24 घंटे देश-दुनिया, राजनीति, मनोरंजन, खेल और समसामयिक मुद्दों पर पैनी नज़र रखती है. हमारा प्रयास है कि पाठकों को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी दी जा सके.

Related Posts

देश/दुनिया

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन से समाप्त होता है जाति आधारित आरक्षण, अदालत ने लगाई मुहर

October 15, 2026
देश/दुनिया

क्रूरता की इंतहा: ‘नीला ड्रम कांड’ में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, मौत के खौफ से कांप रहे थे दोनों!

October 14, 2026
झारखंड

Tata Steel के MD नरेंद्रन ने जतायी उम्मीद… इस्पात की मांग दूसरी छमाही में 8-10 प्रतिशत बढ़ेगी, कोक ओवन को बंद करने के मुद्दे पर भी बोले

October 6, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

BIHAR: रामभरोसे कानून-व्यवस्था, मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की बेटे के सामने दिनदहाड़े हत्या

October 15, 2026

पुलिस की मनमानी पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, थानों में सीसीटीवी निगरानी और जवाबदेही पर कड़ा रुख, डीजीपी तलब

October 15, 2026

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन से समाप्त होता है जाति आधारित आरक्षण, अदालत ने लगाई मुहर

October 15, 2026

क्रूरता की इंतहा: ‘नीला ड्रम कांड’ में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, मौत के खौफ से कांप रहे थे दोनों!

October 14, 2026

रेलवे चलायेगा बक्सर, लखनऊ, छपरा, मुंबई के लिए स्पेशल ट्रेनें, यहां देखें पूरी सूची

October 13, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.