रांची. झारखंड के लातेहार जिले में शनिवार की शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहलाकर रख दिया. जहां एक ओर पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न और उत्सव के माहौल में डूबा हुआ था, वहीं लातेहार में घटे इस खौफनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है.
चंदवा थाना क्षेत्र स्थित लोहरदगा-चंदवा मुख्य मार्ग की डेढ़टंगवा घाटी में एक बेकाबू कंटेनर ने ऐसा कहर बरपाया कि कुछ ही पलों में कई हंसते-खेलते परिवार उजड़ गए. इस भयावह हादसे में कुल 7 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि एक महिला चमत्कारिक रूप से जीवित बच गई. दुर्घटना की खबर फैलते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में मातम का सन्नाटा पसर गया.
तेज रफ्तार और अनियंत्रित गति बनी भीषण तबाही का कारण
दुर्घटना के कारणों की प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घाटी के ढलान भरे मोड़ पर बेकाबू रफ्तार से आ रहे कंटेनर का संतुलन अचानक बिगड़ गया. घाटी में भारी वाहन की अनियंत्रित गति ही इस पूरी त्रासदी की मुख्य वजह बनी.
बाइक को जोरदार टक्कर: सबसे पहले कंटेनर ने आगे चल रही एक बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मारी. बाइक पर लातेहार के सासंग गांव के एक ही परिवार के चार सदस्य सवार थे. टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक सवार महिला अफसरी देवी उछलकर काफी दूर जा गिरीं, जिससे उनकी जान बच गई. हालांकि, उनके बेटे असजद अंसारी और रिश्तेदार हारून अंसारी समेत बाइक सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
ऑटो को कुचला और पलटा: बाइक को टक्कर मारने के बाद भी अनियंत्रित कंटेनर नहीं रुका. वह आगे चल रहे एक ऑटो को रौंदते हुए उसी पर पलट गया.
मलबे में तब्दील हुआ ऑटो: कंटेनर के नीचे दबने से ऑटो का ढांचा पूरी तरह पिचक गया. ऑटो चालक रकीब खान (निवासी लोहरदगा) और उसमें सवार अन्य तीन यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सभी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया.
राहत-बचाव कार्य और प्रशासनिक मुस्तैदी
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही प्रशासनिक पदाधिकारी और बचाव दल क्रेन लेकर मौके पर पहुंचे. भारी-भरकम कंटेनर को हटाकर लोहे के मलबे में तब्दील हो चुके ऑटो से शवों को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण काम था.
घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी शवों को निकाला गया और घायल महिला को तुरंत अस्पताल भेजा गया. इस हादसे के कारण लोहरदगा-चंदवा मार्ग पर लंबे समय तक यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य कराया.
एक ही पल में सासंग गांव से लेकर लोहरदगा तक कई घरों के चिराग बुझ गए, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.


