Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » मुख्यमंत्री आवास का घेराव… भाजपा की दबाव बनाने की राजनीति या दिल्ली प्रदर्शन का ‘बदला’
राजनीति

मुख्यमंत्री आवास का घेराव… भाजपा की दबाव बनाने की राजनीति या दिल्ली प्रदर्शन का ‘बदला’

SUMA KUMARBy SUMA KUMARAugust 10, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
मुख्यमंत्री आवास पर धरना देते भाजपाई
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

रांची. झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के प्रदर्शन के बीच आंदोलन को समर्थन देते हुए विपक्ष भी हमलावर दिखा. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस दौरान समानांतर मोर्चा खोलते हुए सीधे मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर दिया. घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि क्या यह मुख्यमंत्री आवास का घेराव हेमंत सरकार पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है या फिर राष्ट्रीय राजनीति का कोई पलटवार?

दिल्ली प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के आला नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर दबाव बनाने की राजनीति की नई पहल को अंजाम दिया था. इधर रांची की सड़कें एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियों और युवाओं के आक्रोश से उबल रही हैं. जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) नियुक्ति परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर छात्रों का आंदोलन चरम पर पहुँच चुका है. सोमवार को जब हजारों अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे, तो राज्य की राजनीति में अचानक एक बड़ा मोड़ देखने को मिला.

छात्रों के आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समानांतर मोर्चा खोलते हुए सीधे मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर दिया. इस घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि क्या यह मुख्यमंत्री आवास का घेराव हेमंत सरकार पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति है या फिर दिल्ली की राष्ट्रीय राजनीति का कोई पलटवार?

छात्रों के मुद्दे पर भाजपा का आक्रामक रुख

झारखंड में पिछले लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, प्रश्नपत्र लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर हैं. सोमवार को पुलिस प्रशासन पूरी तरह से विधानसभा क्षेत्र में छात्रों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त था. ठीक इसी दौरान, भाजपा ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत विरोध प्रदर्शन का दूसरा केंद्र मुख्यमंत्री आवास को बना दिया.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और वरिष्ठ नेता सीपी सिंह समेत कई प्रमुख विधायक अचानक मुख्यमंत्री आवास के पास सड़क पर धरने पर बैठ गए. नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नियुक्ति घोटालों की सीबीआई (CBI) जांच की मांग दोहराई. करीब 45 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने आनन-फानन में सभी प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें खेलगांव स्थित अस्थायी कैंप जेल ले जाया गया.

खेलगांव कैंप जेल से गूंजी छात्रों के समर्थन की आवाज

हिरासत में लिए जाने और खेलगांव कैंप जेल भेजे जाने के बावजूद भाजपा नेताओं के तेवर ढीले नहीं पड़े. जेल परिसर से ही प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और सीपी सिंह ने अपने-अपने वीडियो संदेश जारी किए.

इन वीडियो संदेशों के जरिए भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक राज्य के युवाओं और छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता:

  • बाबूलाल मरांडी का हमला: बाबूलाल मरांडी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार द्वारा की जा रही गिरफ्तारियां और जांच महज एक दिखावा हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है. मरांडी ने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे मामले को तत्काल सीबीआई के हवाले किया जाए.
  • आदित्य साहू की चेतावनी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने वीडियो जारी कर कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. सरकार चाहे भाजपा नेताओं को जेल में डाले या लाठियां चलाए, लेकिन युवाओं के हक और अधिकार की यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है.
  • सीपी सिंह का समर्थन: वरिष्ठ नेता सीपी सिंह ने भी वीडियो के माध्यम से राज्यभर के परीक्षार्थियों को भरोसा दिलाया कि भाजपा उनके संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़ी है.

दबाव की राजनीति या राष्ट्रीय टकराव का असर?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री आवास का अचानक घेराव करना केवल एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं है. इसके पीछे दो प्रमुख पहलू देखे जा रहे हैं:

  • राज्य सरकार पर नैतिक व राजनीतिक दबाव: आगामी चुनावी और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भाजपा छात्रों के इस व्यापक असंतोष को सीधे हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनाना चाहती है. मुख्यमंत्री आवास पर सीधा धरना देकर पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह जनहित के मुद्दों पर सीधे सत्ता के केंद्र को चुनौती दे सकती है.
  • दिल्ली बनाम रांची की सियासत: केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिछले कुछ समय से चल रही तल्खी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच, रांची की सड़कों पर हुआ यह प्रदर्शन दिल्ली की राजनीति का भी असर माना जा रहा है. केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक घेराबंदी के जवाब में राज्य सरकार जिस तरह हमलावर थी, भाजपा ने ठीक उसी अंदाज में राज्य के भीतर सरकार को घेरने का आक्रामक रास्ता चुना है.

युवाओं के आंदोलन को मिली नई दिशा

रांची में छात्रों के प्रदर्शन और भाजपा के इस बड़े कदम ने राज्य की भावी राजनीति का रुख तय कर दिया है. एक तरफ जहां छात्र अपनी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सीबीआई जांच पर अड़े हुए हैं, वहीं भाजपा के शीर्ष नेताओं का खेलगांव से जारी वीडियो संदेश यह साफ करता है कि यह मुद्दा अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा.

मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुआ यह प्रदर्शन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. अब देखना यह होगा कि सरकार छात्रों के आक्रोश और विपक्ष के इस दोहरे दबाव का सामना किस रणनीति से करती है.

JPSC JSSC विवाद आदित्य साहू झारखंड भाजपा झारखंड राजनीति बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री आवास घेराव रांची न्यूज हेमंत सोरेन
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleझारखंड विधानसभा घेराव : उग्र प्रदर्शन पर पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस के छोड़े गोले, JPSC के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार
Next Article बिहार : ‘2047 तक भारत को बनाएंगे सबसे शक्तिशाली देश’, तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
SUMA KUMAR
  • Website

Content Writer and Digital Journalist at Ocean Post. Suma Kumar extensively covers the railway sector, transport infrastructure, government policies, and major industry updates.

Related Posts

झारखंड

छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा का ‘झारखंड बंद’ आज, राज्य भर में कड़ी सुरक्षा और पुलिस हाई अलर्ट

August 11, 2026
झारखंड

JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते और TDPL के बीच ‘2 करोड़ की डील से जेल तक का सफर’… जाने क्या है कहानी

August 11, 2026
राजनीति

राहुल का सलेक्टिव विरोध, दिल्ली में दिखाये उग्र तेवर, … झारखंड में क्यों कर लिया ‘परहेज’!

August 10, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

छात्र आंदोलन की कवरेज करने वाले न्यूज18 के वरिष्ठ पत्रकार अमन चोपड़ा पर एफआईआर

August 11, 2026

छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा का ‘झारखंड बंद’ आज, राज्य भर में कड़ी सुरक्षा और पुलिस हाई अलर्ट

August 11, 2026

किसी भी घाट से बालू उठा सकेंगे ठेकेदार! बस चुकानी होगी डबल रॉयल्टी, खान विभाग का नया प्रस्ताव तैयार!

August 11, 2026

JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते और TDPL के बीच ‘2 करोड़ की डील से जेल तक का सफर’… जाने क्या है कहानी

August 11, 2026

राहुल का सलेक्टिव विरोध, दिल्ली में दिखाये उग्र तेवर, … झारखंड में क्यों कर लिया ‘परहेज’!

August 10, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.