बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सख्त बनाने और महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य पुलिस का अभियान लगातार जारी है. इसी कड़ी में बुलंदशहर पुलिस और स्वाट टीम को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है. 1 अगस्त को 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या करने वाला मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मोनू उर्फ राकेश पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है.
छपरावत के पास हुई मुठभेड़
बुलंदशहर पुलिस के अनुसार, शनिवार रात गुलावठी थाना पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम बुलंदशहर-हापुड़ मार्ग पर स्थित छपरावत गांव के पास सघन चेकिंग कर रही थी. उसी दौरान एक बिना नंबर की बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए. जब पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ बदमाश
बदमाशों की अचानक हुई गोलीबारी में स्वाट टीम के दारोगा संदीप कुमार और कांस्टेबल नरेंद्र कुमार घायल हो गए. इसके अलावा गुलावठी कोतवाल धर्मेंद्र कुमार शर्मा और सिकंदराबाद कोतवाल शैलेंद्र प्रताप सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं. पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया.
घायल बदमाश और सिपाहियों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां से बदमाश की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
4 जिलों में दर्ज थे आपराधिक मामले
पुलिस द्वारा की गई शिनाख्त में मारे गए बदमाश की पहचान मोनू (पुत्र राकेश), निवासी ग्राम फतेहपुर जादौन, थाना चोला (बुलंदशहर) के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, जीआरपी बरेली और जीआरपी अलीगढ़ समेत चार जिलों में 7 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे. मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. घटनास्थल से पुलिस ने एक 32 बोर की पिस्टल, मैगजीन, भारी मात्रा में जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है.
अपराधियों में खौफ, आमजन को राहत
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाई जा रही ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर धरातल पर साफ दिख रहा है. कानून का राज स्थापित करने और जघन्य अपराध करने वालों के मन में डर पैदा करने की दिशा में इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है. बुलंदशहर की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की त्वरित व साहसिक कार्रवाई की सराहना की है. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फरार बदमाश की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है और जिले में अपराधियों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा.


