रांची. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य की सियासत में गर्माहट उस समय और बढ़ गई, जब विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भारी शोर-शराबे और तीखी बहस के माहौल में 8,399 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा. विपक्ष राज्य में प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के मुद्दों को लेकर लगातार सरकार को घेर रहा था, लेकिन सरकार ने अपने विधायी दायित्वों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के समग्र विकास कार्यों के लिए इस अतिरिक्त राशि की मंजूरी का प्रस्ताव रखा.
इससे पहले फरवरी महीने में सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का विशाल वार्षिक बजट पेश किया था. अब पेश किए गए इस अनुपूरक बजट से यह स्पष्ट होता है कि सरकार का मुख्य ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा प्रणाली, पेयजल और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित है.
विभागवार बजटीय आवंटन
बजटीय आवंटन के आंकड़ों पर नज़र डालें तो कुल 8,399 करोड़ रुपये की राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा ग्रामीण विकास विभाग को आवंटित किया गया है, जिसके लिए 4,258.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह दर्शाता है कि सरकार ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन, आजीविका के अवसरों और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है.
शिक्षा के लिए 946.30 करोड़
शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के लिए 946.30 करोड़ रुपये तय किए गए हैं. वहीं, गांवों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और सुदूर क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछाने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग को 885.83 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है.
कानून व आपदा प्रबंधन पर 490.68 करोड़
कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के खाते में 490.68 करोड़ रुपये रखे गए हैं. इसके अलावा, आम नागरिकों तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को 271.61 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्ताव शामिल किया गया है.
सदन में राजनीतिक हलचल और विपक्ष के कड़े विरोध के बावजूद सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाएं और बुनियादी विकास का पहिया रुकने नहीं दिया जाएगा. इस अनुपूरक बजट के पारित होने से राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारना संभव हो सकेगा.


