पटना. शहर के अगमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी पहाड़ी के पास शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे में स्थानीय निवासी मनीष कुमार की मौत हो गयी. NH-30 पर हादसे के बाद हिंसा की घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव फैला दिया है. पटना शहर के अगमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी पहाड़ी के पास शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद जन-आक्रोश की ऐसी ज्वाला भड़की कि एनएच-30 रणक्षेत्र में तब्दील हो गया.
एक तेज रफ्तार यात्री बस ने स्थानीय 26 वर्षीय युवक मनीष कुमार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे के बाद उग्र हुई भीड़ ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए न केवल बस को फूंका, बल्कि पुलिस और मीडियाकर्मियों को भी अपने गुस्से का निशाना बनाया.
हादसा और पलक झपकते भड़का गुस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह बड़ी पहाड़ी के समीप राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 30 पर एक अनियंत्रित यात्री बस तेज गति से गुजर रही थी. इसी दौरान स्थानीय निवासी मनीष कुमार बस की चपेट में आ गया. टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. दुर्घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद बस चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया.
हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. आक्रोशित भीड़ ने सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त बस को चारों तरफ से घेर लिया. बस में सवार यात्रियों ने किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर दौड़ लगाई, जिसके तुरंत बाद भीड़ ने बस में आग लगा दी. कुछ ही मिनटों में बस धू-धू कर जलने लगी और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया.
पुलिस और दमकल की गाड़ियों को बनाया निशाना
हादसे और आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन उग्र भीड़ के सामने वे लाचार नजर आईं. भीड़ का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और उन्हें खदेड़ दिया. आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची पुलिस की दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.
इसके अलावा, राहत व बचाव कार्य के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को भी निशाना बनाया गया. उग्र भीड़ ने दमकलकर्मियों पर हमला बोल दिया, जिससे जान बचाने के लिए फायर कर्मियों को वाहन छोड़कर भागना पड़ा.
मीडियाकर्मी से मारपीट और अन्य वाहनों में तोड़फोड़
घटना की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा. उग्र भीड़ ने एक मीडियाकर्मी के साथ मारपीट की और उनके वाहन में भी आग लगा दी. एनएच-30 से गुजर रहे अन्य राहगीरों व यात्री वाहनों को भी आक्रोशित लोगों ने नहीं बख्शा. कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया.
एनएच-30 पर लगा लंबा जाम, यात्री बेहाल
इस भीषण हंगामे और आगजनी के कारण एनएच-30 पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. कड़कड़ाती धूप के बीच यात्री, एम्बुलेंस और मालवाहक गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस बल को अतिरिक्त सुदृढ़ीकरण के साथ मौके पर तैनात किया गया. वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत और समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस द्वारा इलाके में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है और उपद्रवियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.


