वाशिंगटन. अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों और वीजा की सख्ती के बीच भारतीय प्रवासियों और विशेष तौर पर H-1B वीजा धारकों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी सीनेटर एलेक्स पैडिला ने एक नया और अहम बिल पेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका में कम से कम सात साल से कानूनी या अनिश्चितता के दौर में रह रहे लाखों प्रवासियों को स्थायी कानूनी दर्जा यानी ग्रीन कार्ड (Green Card) का आसान मार्ग प्रदान करना है.
क्या है नया बिल और किसे मिलेगा फायदा?
कैलिफोर्निया के सीनेटर एलेक्स पैडिला द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव का उद्देश्य दशकों पुराने इमिग्रेशन कानूनों को आधुनिक बनाना है. वर्तमान में जो कानून लागू है, उसके तहत ‘रजिस्ट्री’ की कटऑफ तारीख 1 जनवरी 1972 तय की गई है, जिसे दशकों से अपडेट नहीं किया गया था. नए बिल के लागू होने से यह तारीख बदलकर सात साल की रोलिंग जरूरत में तब्दील हो जाएगी.
यदि यह बिल कानून का रूप ले लेता है, तो इससे अमेरिका में कम से कम 7 साल से लगातार रह रहे उन प्रवासियों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का वैधानिक अधिकार मिल जाएगा, जो लंबे समय से अनिश्चितता के साए में जी रहे हैं. इससे लगभग 80 लाख से अधिक लोगों को सीधा फायदा मिलने का अनुमान है. इस दायरे में ‘ड्रीमर्स’, ‘टेम्परेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस’ (TPS) धारक, आवश्यक सेवाओं में कार्यरत पेशेवर और लंबे समय से वीजा पर काम कर रहे लोगों के बच्चे शामिल होंगे.
भारतीय H-1B वीजा धारकों के लिए क्यों है यह ऐतिहासिक?
यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए बेहद खास माना जा रहा है. अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले प्रोफेशनल्स का एक बहुत बड़ा हिस्सा भारतीय नागरिकों का है. एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड ग्रीन कार्ड की सख्त सीमा और कोटे की वजह से भारतीय नागरिकों को परमानेंट रेजिडेंसी के लिए दशकों का लंबा इंतजार करना पड़ता है. कई मामलों में यह प्रतीक्षा अवधि इतनी लंबी होती है कि लोग अपनी पूरी जिंदगी निकाल देते हैं.
इस नए बिल के जरिए इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के सेक्शन 249 में संशोधन किया जाएगा, जिससे होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को उन योग्य प्रवासियों को परमानेंट रेजिडेंसी देने का अधिकार मिलेगा जो एक तय अवधि से देश में रह रहे हैं और सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करते हैं. हालांकि, इसके लिए शर्त यह होगी कि आवेदकों का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उन्हें ग्रीन कार्ड से जुड़े अन्य सभी मानदंडों को पूरा करना होगा.
क्या आगे की राह आसान होगी?
भले ही इस प्रस्ताव ने लाखों प्रवासियों और भारतीय परिवारों के दिलों में एक नई उम्मीद जगा दी है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमेरिकी कांग्रेस और मौजूदा राजनीतिक माहौल में इस बिल का पास होना एक बड़ी चुनौती से कम नहीं है. रिपब्लिकन पार्टी की सख्त नीतियों के सामने डेमोक्रेट्स के इस प्रयास को कड़ी टक्कर मिल सकती है. इसके बावजूद, लंबे समय से चली आ रही इस इमिग्रेशन समस्या के समाधान की दिशा में इसे एक बहुत बड़ा और सकारात्मक राजनीतिक कदम माना जा रहा है.
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