Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
  • रेलवे
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
  • रेलवे
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
  • रेलवे
Home » BIHAR : 1908 के बाद की जमीन रजिस्ट्री अब ऑनलाइन होगी उपलब्ध, जानें डाउनलोड करने के नियम
बिहार

BIHAR : 1908 के बाद की जमीन रजिस्ट्री अब ऑनलाइन होगी उपलब्ध, जानें डाउनलोड करने के नियम

Ocean News DeskBy Ocean News DeskJuly 22, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
सांकेतिक तस्वीर
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
  • बड़ी डिजिटल पहल: बिहार में जमीन के निबंधन (रजिस्ट्री) दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन कार्य तेजी से जारी.

  • 1908 से अब तक के दस्तावेज: रैयत अब दादा-परदादा के ज़माने (1908 से 1989 तक) के ऐतिहासिक कागजात भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे.

  • दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति: अब ऑफलाइन फॉर्म भरने, ₹100 का शुल्क देने और रजिस्ट्री ऑफिस जाने की झंझट खत्म.

  • पूर्ण कानूनी मान्यता: पोर्टल से डाउनलोड किए गए डिजिटल दस्तावेज सभी सरकारी और कानूनी कार्यों में पूरी तरह मान्य होंगे.

पटना. बिहार के जमीन मालिकों (रैयतों) के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है. अब जमीन की रजिस्ट्री या पुराने दस्तावेजों की नकल पाने के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. राज्य सरकार के निर्देश पर निबंधन विभाग (Registration Department) पुराने से पुराने दस्तावेजों का तेजी से डिजिटाइजेशन कर रहा है. इसके बाद रैयत घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर से जमीन के निबंधन दस्तावेज डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाल सकेंगे.

दो चरणों में हो रहा है डिजिटाइजेशन, जानें पूरी योजना

राज्य भर में दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने का काम दो अलग-अलग चरणों (Phases) में चलाया जा रहा है:

पहला फेज (1990 से 1995)

निबंधन कार्यालय के अनुसार, पहले चरण में वर्ष 1990 से 1995 तक के दस्तावेजों को डिजिटाइज किया जा रहा है. अकेले मुजफ्फरपुर जिले में ही इस अवधि के लगभग 1 लाख 70 हजार दस्तावेजों की स्कैनिंग और मिलान का काम अंतिम चरण में है. इसे जल्द ही पोर्टल पर लाइव कर दिया जाएगा.

दूसरा फेज (1908 से 1989)

दूसरे चरण में वर्ष 1908 से 1989 तक के ब्रिटिश कालीन और ऐतिहासिक कागजातों को स्कैन कर अपलोड किया जाएगा. यह काम काफी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसके पूरा होते ही लोगों को अपने दादा-परदादा के जमाने के जमीन रिकॉर्ड्स चुटकियों में ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे.

समय और पैसे की बचत, खत्म होगी बिचौलिया संस्कृति

अब तक किसी भी जमीन की केवाला या रजिस्ट्री की नकल (Certified Copy) निकालने के लिए लोगों को जिला निबंधन कार्यालय जाना पड़ता था. इसके लिए ऑफलाइन आवेदन देने के साथ ₹100 का शुल्क और समय दोनों बर्बाद होता था. कई बार लोगों को बिचौलियों के चक्कर में भी फंसना पड़ता था.

डिजिटल व्यवस्था लागू होने से:

  • आम जनता का समय और पैसा दोनों बचेगा.
  • घर बैठे एक क्लिक पर दस्तावेज उपलब्ध होंगे.
  • जमीन संबंधी फर्जीवाड़े और विवादों में कमी आएगी.

एजेसियों द्वारा स्कैनिंग के बाद मूल दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है ताकि ऑनलाइन अपलोड होने वाले आंकड़ों में कोई त्रुटि न रहे.

निष्कर्ष: पारदर्शी व्यवस्था की ओर बड़ा कदम

बिहार सरकार का यह कदम राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार व्यवस्था को पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. पुराने अभिलेखों के डिजिटल हो जाने से न केवल आम रैयतों को सहूलियत होगी, बल्कि न्यायालयों और प्रशासनिक कार्यों में जमीन संबंधी विवादों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा.

Land Registry Bihar केवाला ऑनलाइन बिहार जमीन रजिस्ट्री बिहार निबंधन विभाग बिहार भू अभिलेख बिहार समाचार मुजफ्फरपुर समाचार
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous ArticleJAMSHEDPUR : केबुल कर्मियों के 45 करोड़ के बकाये पर RP का ‘फॉर्मूला’ आया सामने, बिना डेट वाले वायरल पत्र से बढ़ी सरगर्मी
Next Article अनिल अग्रवाल का बड़ा दांव, कर्ज चुकाने और ग्रोथ के लिए ₹21,000 करोड़ का मेगा फंड, वेदांता एल्युमीनियम के 56% शेयरों पर लगाई नई शर्तें
Ocean News Desk
  • Website

Ocean Post का आधिकारिक News Desk, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और सबसे तेज़ ख़बरें पहुंचाने के लिए समर्पित है. हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम 24 घंटे देश-दुनिया, राजनीति, मनोरंजन, खेल और समसामयिक मुद्दों पर पैनी नज़र रखती है. हमारा प्रयास है कि पाठकों को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी दी जा सके.

Related Posts

बिहार

जहानाबाद में भोजपुरी गायक अभिषेक सिंह के घर पर हमला, स्कॉर्पियो गाड़ी में तोड़फोड़ और फायरिंग

October 26, 2026
बिहार

BIHAR: शिक्षा जगत में फिर लहराया परचम, सेंट माइकल हाई स्कूल, पटना लगातार दूसरे साल देश का नंबर-1 ‘विंटेज लेगेसी’ स्कूल घोषित!

October 21, 2026
बिहार

भोजपुर में खूनी रंजिश: आदर्श हत्याकांड का बदला! होमगार्ड जवान के बेटे को मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी

October 21, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

मुंबई में लोकल ट्रेनें ठप, पटरियों पर उतरे यात्रियों की जान पर भारी पड़ी लापरवाही, अलग-अलग हादसों में 3 की दर्दनाक मौत

October 27, 2026

टाटा में घमासान तेज! 7 नवंबर को आमने-सामने होंगे एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा, भविष्य की रणनीति पर टिकीं दुनिया की निगाहें

October 27, 2026

राहुल गांधी का मास्टरस्ट्रोक: ‘आरोपी नंबर 4’ को हटाकर 30 सेकंड में आंदोलन खत्म करने का अल्टीमेटम और व्यापारियों की चिंताएं

October 27, 2026

झारखंड में मौसम का मिजाज बदला: रांची-जमशेदपुर समेत 16 जिलों में 30 अक्टूबर तक आंधी-वज्रपात और भारी बारिश का अलर्ट

October 27, 2026

जमशेदपुर में जुआ बना कारोबार, अड्डे से कारोबारियों समेत 15 गिरफ्तार, 7.65 लाख रुपये नकद बरामद

October 27, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join OceanPost