Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
  • रेलवे
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
  • रेलवे
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
  • रेलवे
Home » कर्तव्य की राह पर खाली पेट, जानिए होमगार्ड जवानों की अनदेखी और बेबसी की पूरी कहानी
ओसियन स्पेशल

कर्तव्य की राह पर खाली पेट, जानिए होमगार्ड जवानों की अनदेखी और बेबसी की पूरी कहानी

SHOBHA SINGHBy SHOBHA SINGHJuly 21, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

रांची/जमशेदपुर. कड़ाके की ठंड हो, तपती धूप हो या फिर त्यौहारों की भीड़-भाड़, जब पूरा शहर आराम कर रहा होता है, तब सड़कों पर, अस्पतालों के बाहर और चौराहों पर खाकी वर्दी पहने होमगार्ड जवान मुस्तैदी से खड़े नजर आते हैं. कानून-व्यवस्था से लेकर जन-स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ये जवान समाज की सुरक्षा पंक्ति की मजबूत नींव हैं. लेकिन इस नींव की असल सच्चाई बेहद तकलीफदेह है. 16 महीने से जेब खाली रहने और भुखमरी के कगार पर पहुंचे इन जवानों के घरों के चूल्हे अब बुझने की नौबत पर हैं.

खाली पेट सुरक्षा की पहरेदारी, आर्थिक संकट का शिकार होते जवान

राज्य भर में हजारों होमगार्ड जवान सरकारी विभागों, मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. विडंबना यह है कि महीनों से मानदेय (Stipend/Salary) का एक रुपया न मिलने के बावजूद इनसे दिन-रात ड्यूटी ली जा रही है.

स्वास्थ्य विभाग का हाल: विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में तैनात लगभग 3,000 होमगार्ड जवानों को पिछले 5 से 16 महीनों से बकाया मानदेय नहीं मिला है.

अन्य विभाग: बीएसएनएल, सीसीएल, वन विभाग और शैक्षणिक संस्थानों में तैनात सैकड़ों जवानों को भी 4 से 5 महीनों से भुगतान नहीं हुआ है.

विशेष ड्यूटी का बकाया: निकाय चुनाव, रामनवमी और मुहर्रम जैसे बड़े अवसरों पर तैनात किए गए करीब 10,000 जवानों को भी उनकी स्पेशल ड्यूटी का मानदेय अब तक नहीं सौंपा गया है.

जब ड्यूटी पर ही फूट-फूटकर रो पड़े जवान

लगातार मानदेय न मिलने से जवानों पर मानसिक और आर्थिक तनाव इस कदर हावी हो चुका है कि अब स्थिति सब्र के बांध को तोड़ने लगी है.

केस 1: जान देने की नौबत

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में तैनात महिला होमगार्ड जवान फूल कुमारी ड्यूटी के दौरान ही फूट-फूटकर रो पड़ीं. बकाया मानदेय न मिलने से तंग आकर उन्होंने चेतावनी दे दी कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे अस्पताल की छत से कूदकर जान दे देंगी.

केस 2: उधारी पर चल रही जिंदगी

दुमका के सदर अस्पताल में कार्यरत जवान दिनेश हांसदा को बीते 16 महीने से मानदेय नहीं मिला है. घर में बीमार बुजुर्ग माता-पिता के इलाज के लिए पैसे नहीं हैं. राशन दुकानदारों ने अब उधार देना बंद कर दिया है और बच्चों की पढ़ाई छूटने के कगार पर है.

जवानों के सामने खड़ी मुख्य समस्याएं

मानसिक तनाव और डिप्रेशन: बिना वेतन के लगातार 12-12 घंटे की कठिन ड्यूटी करना.

बुनियादी सुविधाओं का अभाव: ड्यूटी स्थल पर न पीने के पानी की उचित व्यवस्था होती है और न ही बैठने या विश्राम की.

सामाजिक और आर्थिक बेबसी: दुकानदारों का राशन देने से मना करना और रिश्तेदारों से कर्ज का बोझ बढ़ना.

विभाग का रवैया और सरकारी आवंटन

महिला जवान के कड़े विरोध और मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल देखने को मिली.

65.21 करोड़ रुपए का आवंटन: स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश पर वित्तीय वर्ष के तहत आउटसोर्सिंग और सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों के लिए 65.21 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है ताकि लंबित मानदेय का भुगतान हो सके.

प्रशासन का तर्क: गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मानदेय का आवंटन संबंधित अस्पताल और विभाग प्रबंधन को सीधे करना होता है, जिसकी वजह से प्रक्रियात्मक देरी हुई है.

होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन की मांगें

झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये पर कड़ा एतराज जताया है. एसोसिएशन के अनुसार, दिन-रात सेवा लेने के बाद भी जवानों को उनके अधिकार से वंचित रखना सीधे तौर पर मानवाधिकार का उल्लंघन है.

  • बकाया मानदेय का तुरंत निपटारा: सभी लंबित महीनों के मानदेय का एकमुश्त भुगतान किया जाए.
  • समयबद्ध भुगतान प्रणाली: हर महीने की निश्चित तारीख को जवानों के बैंक खाते में सीधा मानदेय भेजा जाए.
  • स्थायी समाधान: नियमित आवंटन प्रक्रिया बनाई जाए ताकि जवानों को बार-बार आंदोलनों का सहारा न लेना पड़े.
  • अनिश्चितकालीन अनशन की चेतावनी: यदि जल्द से जल्द सभी जवानों का बकाया चुकता नहीं किया गया तो एसोसिएशन राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होगी.

सुरक्षा देने वालों का सम्मान कब?

यह एक कड़वी सच्चाई है कि जो जवान हमारी, हमारे परिवारों की और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहते हैं, आज उनका अपना भविष्य और परिवार असुरक्षित है. खाली पेट और उधारी के सहारे कोई भी व्यक्ति ज्यादा समय तक निष्ठा के साथ सेवा नहीं दे सकता.

सरकार और प्रशासन को यह समझना होगा कि होमगार्ड जवानों का मानदेय कोई ‘दान’ नहीं, बल्कि उनके पसीने और मेहनत की कमाई है. यदि समाज को सुरक्षित रखना है, तो सुरक्षा देने वाले हाथों को मजबूत करना और उन्हें समय पर सम्मानजनक मानदेय देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.

एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर झारखंड समाचार झारखंड होमगार्ड सुरक्षा जवान मानदेय होमगार्ड मानदेय होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleबिहार ग्रामीण पुनर्गठन : त्रिस्तरीय व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी, जिलाधिकारियों को सौंपी गई सीमाओं के पुनर्निर्धारण की कमान
Next Article SER : चक्रधरपुर रेल मंडल में ‘ट्रांसफर पॉलिसी’ पर SDGM का मौन! रोटेशन नीति को ताक पर रख चहेतों पर मेहरबान Sr DCM, 90 दिनों में ‘मर्सी’ के खेल से ‘मनपसंद’ सीटों पर वापसी
SHOBHA SINGH
  • Website

मास कम्युनिकेशन की पृष्ठभूमि, डिजिटल मीडिया में गहराई से रुचि रखने वाली शोभा सिंह हिंदी न्यूज राइटर और OCEANPOST.IN की सब-एडिटर हैं. देश-दुनिया की हलचलों, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों को शब्दों के सही चयन और बेहतरीन संपादन (Editing) के जरिए पाठकों तक आसान भाषा में पहुंचा रहीं हैं.

Related Posts

झारखंड

नेमरा से रांची लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, भाई से मिलने जल्द जा सकते हैं सिंगापुर

October 20, 2026
ओसियन स्पेशल

जमशेदपुर में स्वास्थ्य विभाग का अनोखा ‘चमत्कार’, कागजों पर पटमदा में ड्यूटी, पर साहब के हर निरीक्षण में ‘अनिवार्य वीआईपी’ हैं ये लकी टेक्नीशियन!

October 17, 2026
ओसियन स्पेशल

संतान की लंबी आयु और आरोग्य का महापर्व ‘जीतिया’, जानिए व्रत का महत्व, नियम और वास्तु से जुड़ी खास बातें

October 3, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

JAMSHEDPUR: बागबेड़ा में विवाद के बाद कचरा संग्रह ठप, बीडीओ की पहल पर आज से शुरू होगा उठाव

October 22, 2026

ADITYAPUR: आदित्य सिंडिकेट कॉलोनी में महिलाओं ने सिंदूर खेला के साथ नम आंखों से दी मां को विदाई

October 22, 2026

वैश्विक कूटनीति का ‘मास्टरस्ट्रोक’: पर्दे के पीछे की वो रणनीति, जिसने 48 घंटे के भीतर अमेरिका को झुका दिया!

October 22, 2026

सोशल मीडिया पर ‘व्यूज और लाइक्स’ का खतरनाक खेल: त्रिपुरा के युवक से नस्ली दुर्व्यवहार पर भड़के मंत्री किरेन रिजिजू बोले – कंटेंट क्रिएटर को मिलेगा कड़ा सबक!

October 22, 2026

झारखंड में ठंड ने कराया असर, रांची में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक गिरने के आसार

October 22, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join OceanPost