- राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस का लाठीचार्ज
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से चल रहा बड़ा विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात और सकारात्मक बातचीत के बाद अपना अनशन तोड़ने का फैसला किया है.
इसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र नेता नेहा बोरा, मनीष कुमार और आमीन अमितोज भी शामिल थे. छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि भले ही भूख हड़ताल का यह चरण समाप्त हो गया है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों के लिए उनका शांतिपूर्ण संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.
उधर कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज में कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आ रही हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के बाल खींचे और उनके साथ मारपीट की. उनका यह भी दावा है कि 12 वर्षीय एक बच्ची के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि 40 से 50 अन्य प्रदर्शनकारियों के सिर भी फूट गए हैं.
अस्पताल में भर्ती थे वांगचुक, डॉक्टरों ने जताई थी चिंता
अपनी मांगों को लेकर लगातार 23 दिनों से कड़े अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत पिछले कुछ दिनों से लगातार बिगड़ रही थी. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें 18 जुलाई को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो गई थी, पोटैशियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया था और कीटोन लेवल काफी बढ़ गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान ही सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता साफ हुआ.
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद बनी सहमति
सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) से मुलाकात की. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने उनसे धरना खत्म कर स्थिति को सामान्य बनाने की अपील की. सरकार की तरफ से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अस्पताल में ही अपना 23 दिन लंबा अनशन समाप्त करने की घोषणा की. उनके साथ अनशन पर बैठे अन्य सहयोगियों (नेहा, मनीष और आमीन) ने भी अपना उपवास तोड़ दिया है.
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी तोड़ा अनशन
उधर, जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में और छात्रों के अधिकारों के लिए आमरण अनशन पर बैठे CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अपना अनशन खत्म कर दिया है. दिपके ने 18 जुलाई को वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद भूख हड़ताल शुरू की थी. बताया जा रहा है कि एक नीट (NEET) अभ्यर्थी के पिता जिन्होंने हाल ही में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. ने दिपके से मुलाकात की और भावुक अपील करते हुए उनसे अनशन खत्म करने का आग्रह किया. सोनम वांगचुक की अपील और इस मानवीय आग्रह को देखते हुए दिपके ने अनशन खत्म करने का फैसला लिया.
हालांकि, दिपके और CJP के कार्यकर्ताओं का कहना है कि भले ही अभी अनशन खत्म हो गया है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की उनकी लड़ाई आगे भी शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगी.




