रांची. झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव में NDA समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी चुनाव जीत गए हैं. परिमल नाथवानी का जीतना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और INDIA ब्लॉक के लिए झटका माना जा रहा है. इस चुनाव में INDIA ब्लॉक के विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग की खबर आई है.
परिमल नाथवानी को 30 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस के प्रणव झा को 20 वोट मिले हैं. झारखंड में असली मुकाबला परिमल नाथवानी और कांग्रेस के प्रणव झा के बीच ही था. वहीं इस चुनाव में JMM के वैद्यनाथ राम को जीत मिली है. हालांकि वैद्यनाथ राम की जीत पक्की मानी जा रही थी.
एक अधिकारी ने बताया कि क्रॉस-वोटिंग के बीच NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने गुरुवार को झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों में से एक पर जीत हासिल की और कांग्रेस के प्रणव झा को हराया. दूसरी सीट पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम चुने गए.
झारखंड की राज्यसभा सीट पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और प्रमुख उद्योगपति परिमल नाथवानी ने शानदार जीत हासिल कर ली है. 18 जून को हुए मतदान में नाथवानी ने अपनी मजबूत लोकप्रियता और क्रॉस वोटिंग के सहारे विपक्षी दलों को मात दी.
मतगणना में नाथवानी को पर्याप्त मत मिले, जिससे उनकी जीत तय हो गई. भाजपा और एनडीए घटक दलों ने उन्हें खुलकर समर्थन दिया था. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन समेत कई नेताओं ने पहले ही भरोसा जताया था कि नाथवानी आराम से चुनाव जीतेंगे.
परिमल नाथवानी का राजनीतिक सफर
परिमल नाथवानी (जन्म 1 फरवरी 1956) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर हैं. वे 2008 और 2014 में झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. बाद में 2020 में उन्होंने आंध्र प्रदेश से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. अब झारखंड वापसी कर उन्होंने अपनी जड़ों को मजबूत किया है.
नाथवानी के नामांकन के समय विवाद हुआ था, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ने इसे मंजूर कर लिया. कांग्रेस ने इसका विरोध किया, लेकिन नाथवानी की उम्मीदवारी पर कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने नामांकन के दौरान कहा था कि हर दल से उन्हें समर्थन मिल रहा है और वे अपनी पिछली उपलब्धियों के आधार पर जीतेंगे.
निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बधाई देते हुए लिखा, “झारखंड से राज्यसभा के चुनाव में NDA समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी जी को जीत की बधाई , उन्हें कुल 28 मत मिले. कांग्रेस प्रत्याशी को केवल 20 वोट मिले और महागठबंधन की बुरी तरह हार हुई है.
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