पटना. जीवन का नाम सफ़र है और सफ़र का हमसफर भारतीय रेल, तभी तो भारतीयों का जीवनरेखा है। भारतीय रेल का पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर अपने उपलब्धियों के वजाए अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहता है क्योंकि यहां के अधिकारियों ने अपने “अनुशासन”से पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर को भारतीय रेल का अभूतपूर्व ज़ोन बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है और नित नए प्रयोग सामने आ रहे हैं।
पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर का विधुत विभाग, जिस पर रेल को गतिमान एवं प्रकाशमान बनाए रखने की महती जिम्मेदारी है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेल में बुलेट ट्रेन की रफ्तार से भी ज्यादा गति से चल रहें भ्रष्टाचार से विधुत विभाग भ्रष्टाचारियों का “सुरक्षित चारागाह”बन गया है।


लोग कहते हैं कि भ्रष्टाचार कहां नहीं है! बात तो सही है लेकिन बिना काम के भुगतान जिस विभाग की पहचान बन चुकी हों उस विभाग की दशा क्या होगी! कल्पना ही किया जा सकता है।
खैर आर्थिक भ्रष्टाचार से कोई भी विभाग अछूता नहीं है, लेकिन पूर्व मध्य रेलवे का विधुत विभाग “मानसिक भ्रष्टाचार” का केंद्र बन गया है और इसे बढ़ावा देकर पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता आर के चौधरी ने विधुत विभाग की व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है और व्यवस्था ध्वस्त हो जाने से कर्मचारी त्रस्त और पस्त है लेकिन आर के चौधरी आनंद ही आनंद से आनंदित हो मस्त रहें।
कहते हैं ना कि अति का अंत होता है और आर के चौधरी के अति का अंत होने का आदेश निर्गत रेलवे बोर्ड के आदेश संख्या E(O)03-2025/TR/454 New Delhi dated 04.09.2025 के माध्यम से निर्गत हुआ, लेकिन ठीक तीन महीने बाद उपरोक्त स्थानांतरण आदेश 04.12.2025 को रद्द कर दिया गया। तीन महीने तक स्थानांतरण आदेश का क्रियान्वयन नहीं होना और आदेश का तीन महीने बाद रद्द हो जाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है लेकिन इसकी चिंता किसे है क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय रेल में “लूट का अमृत महोत्सव”मनाया जा रहा हो।
भले ही भारतीय रेल के आला अधिकारियों ने आर के चौधरी के अनुरोध “दिल अभी भरा नहीं”क्योंकि “ये दिल मांगे मोर…” को स्वीकार कर लिया लेकिन Railwellwishers एवं Rail hunt जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ने आर के चौधरी के कारनामों को रेल पटल पर सफलतापूर्वक रखा।
संयोगवश दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का विधुत विभाग भी अपने कारनामों से विवादों के घेरे में आ गया और तब रेलवे बोर्ड ने पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता आर के चौधरी का तबादला रेलवे के दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर जोन में और वहां के प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता आर के वर्णवाल का तबादला आदेश संख्या E(O)03-2025/TR/593 New Delhi dated 11.12.2025 के माध्यम से पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर का निर्गत कर दिया।
रेलवे बोर्ड ने स्थानांतरण आदेश तो जारी कर दिया लेकिन आदेश के क्रियान्वयन पर शंका बनी रही, क्योंकि आर के चौधरी ने अपने दिल की आवाज “ये दिल मांगे मोर..” को पुरा करने के लिए पटना दिल्ली एक कर दिया लेकिन दिल्ली की तीन तीन यात्रा के बाबजूद इनकी बात नहीं बनी और आखिरकार “पलटीमार”चौधरी,”पलटीमार”इसलिए क्योंकि अपने कार्यकाल में अपने आदेशों को पलटने के लिए तो मशहूर रहे ही, अपने “खासमखास” और अपने आनंद से आनंदित करने वाले संवेदक को लाभान्वित करने हेतु निविदा में रेलवे बोर्ड के आदेश को भी पलट दिया लेकिन अपने स्थानांतरण आदेश को दूसरी बार नहीं पलटवा सकें और आखिरकार “पलटीमार” चौधरी 08 जनवरी को पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के प्रमुख मुख्य यांत्रिक अभियंता को पदभार सौप रेलवे के दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे चलें ही गए।
“पलटीमार”चौधरी चलें तो गए लेकिन आने वाले के लिए बहुत सारे गंभीर सवाल छोड़ गए क्योंकि विद्युत विभाग की ध्वस्त व्यवस्था से कर्मचारियों के साथ भ्रष्टाचार एवं अत्याचार की पराकाष्ठा है। विधुत विभाग की ध्वस्त व्यवस्था दुरुस्त कब तक होती है,railwellwishers.com की नज़र बनी रही रहेगी।
तमसो मां ज्योतिर्गमय!!

