जमशेदपुर. क्या टाटा स्टील का नया वेज रिवीजन समझौता वाकई कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक है या फिर यह उनके हाथ लगी मायूसी है? यह सवाल इस वक्त जमशेदपुर के औद्योगिक गलियारों में तैर रहा है. 24 जून को हुए इस समझौते के बाद न तो यूनियन कार्यालय में डंका बजा और न ही नेताओं का स्वागत हुआ.
सूत्रों और कमिटी मेंबरों के मुताबिक, डीए के बेसिक में मर्जर और भत्तों में बढ़ोतरी के सकारात्मक पहलुओं के बावजूद, ओल्ड और न्यू दोनों ही ग्रेड के कर्मचारियों के लिए एमजीबी की सीलिंग और एरियर के कैलकुलेशन में हुए ‘खेले’ ने यूनियन नेतृत्व को बैकफुट पर धकेल दिया है, जिसका असर आने वाले जनवरी चुनाव में भी देखने को मिल सकता है.
एक तरफ 18 माह का लंबा इंतजार और 49 दौर की मैराथन बैठकें, और दूसरी तरफ टाटा स्टील का ऐसा वेज रिवीजन जिसमें बदलाव तो हुए पर कर्मचारियों की खुशी आधी-अधूरी रह गई. कंपनी के साढ़े 10 हजार कर्मचारियों को लग रहा था कि इस बार के ‘समुद्र मंथन’ से उनके हक में बड़ा खजाना निकलेगा, मगर समझौते की बारीकियों ने उत्साह कम कर दिया.
हालांकि इस समझौते में राहत की बात है कि डीए का पूरा विलय बेसिक में हो गया है, पर एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के लिए प्रति पॉइंट डीए वैल्यू में ₹3 से आगे कोई बढ़ोतरी नहीं की गई. सालाना इंक्रीमेंट ₹340 और फिक्स्ड डीए ₹500 जरूर बढ़ा है, लेकिन एमजीबी के नियमों में डाले गए नए ‘पेंच’ ने पूरी गणित उलझा दी है. यूनियन नेतृत्व भले ही ढिंढोरा पीट रहा हो कि ओल्ड ग्रेड को अधिकतम ₹30,793 और एनएस ग्रेड को ₹18,747 महीने का फायदा होगा, लेकिन इस दावे के पीछे छिपे नियमों को लेकर जमीन पर नाराजगी साफ दिख रही है.
अगस्त से दिखेगा बढ़े वेतन का असर, नवंबर में मिलेगा एकमुश्त एरियर
समझौते के तहत कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का वास्तविक लाभ आगामी अगस्त महीने से मिलना शुरू होगा। वहीं, 1 जनवरी 2025 से लंबित एरियर की राशि का भुगतान चार महीने बाद, नवंबर में एकमुश्त (Lump sum) किया जाएगा. उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की मौजूदगी में संपन्न हुए इस त्रिपक्षीय समझौते पर प्रबंधन की ओर से टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन, चीफ पीपुल अफसर अत्रेयी सान्याल व सीएचआरओ जुबीन पालिया ने हस्ताक्षर किए, जबकि श्रमिक पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह और महामंत्री सतीश सिंह ने दस्तखत किया है. यह नया वेतनमान 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2031 तक, यानी आगामी 7 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा.
परंपरा टूटी: एसएनटीआई में बुलाई गई बैठक, कमेटी मेंबरों ने जताया कड़ा विरोध
वेज रिवीजन फाइनल होने के बाद इस बार एक नई परंपरा देखने को मिली. अमूमन माइकल जॉन ऑडिटोरियम में होने वाली कमेटी मीटिंग को बदलकर इस बार सभी कमिटी मेंबरों को एसएनटीआई (SNTI) सभागार में आमंत्रित किया गया. बैठक में यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी ने समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए दावा किया कि 49 दौर की लंबी वार्ता के बाद, बिना किसी मौजूदा सुविधा को छोड़े यूनियन ने कर्मचारियों के हित में एक बेहतर समझौता सुनिश्चित किया है, जिसके दूरगामी परिणाम सुखद होंगे.
हालांकि, नेतृत्व के इन दावों से कमेटी मेंबरों का एक बड़ा वर्ग संतुष्ट नजर नहीं आया. बैठक के दौरान पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय और कमेटी मेंबर संतोष पांडेय समेत कई अन्य सदस्यों ने तीखे सवाल उठाते हुए नेतृत्व की रणनीति पर असंतोष व्यक्त किया. विरोध इस कदर बढ़ा कि कई कमेटी मेंबर बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए, जिससे यूनियन के भीतर की आंतरिक खींचतान खुलकर सामने आ गई.
ओल्ड और न्यू ग्रेड के लिए MGB का नया फॉर्मूला, एरियर की गणना पर दिखेगा असर
नए वेतनमान समझौते में ओल्ड और न्यू दोनों ही ग्रेड के कर्मचारियों के लिए मिनिमम गारंटेड बेनिफिट (MGB) की गणना के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. वेज रिवीजन में हुई 18 महीने की देरी के कारण एमजीबी को दो अलग-अलग समयावधि (Phases) में विभाजित किया गया है, जिसका सीधा असर कर्मचारियों को मिलने वाले एरियर के कैलकुलेशन पर पड़ने की बात कही जा रही है.
1. न्यू सीरीज (NS) कर्मचारियों के लिए MGB और शर्तें:
समझौते के प्रावधानों के अनुसार, न्यू सीरीज (NS) के कर्मचारियों को दो चरणों में एमजीबी का लाभ मिलेगा:
प्रथम चरण (15 माह): इसके तहत अधिकतम ₹7,200 का प्रावधान है.
द्वितीय चरण (3 माह): इसमें ₹2,100 अतिरिक्त जोड़े जाएंगे, जिससे कुल अधिकतम एमजीबी ₹9,300 होगी.
कैपिंग/सीलिंग: जिन एनएस कर्मचारियों का बेसिक वेतन ₹28,000 से अधिक है, उनके लिए अधिकतम एमजीबी की सीमा ₹9,300 पर फ्रीज (सीलिंग) कर दी गई है.
2. ओल्ड सीरीज कर्मचारियों के लिए MGB का ढांचा:
ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों के लिए भी एमजीबी को दो अलग-अलग अवधियों में बांटा गया है:
1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक: इस अवधि के लिए 5 फीसदी एमजीबी देय होगा.
अगले 3 महीनों के लिए: इसमें 5 प्रतिशत और जोड़कर इसे कुल 10 फीसदी किया जाएगा. ओल्ड सीरीज के तहत एमजीबी की अधिकतम राशि ₹12,535 निर्धारित की गई है.
ब्लॉक-4 के लिए यूनियन के दावे : किसे, क्या और कितना मिलेगा?
यूनियन नेतृत्व द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ओल्ड और न्यू दोनों सीरीज के ब्लॉक-फोर (Block-4) कर्मचारियों के वेतनमान में अधिकतम बढ़ोतरी के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| श्रेणी / भत्ता | ओल्ड सीरीज (अधिकतम वृद्धि: ₹30,793) | न्यू सीरीज (अधिकतम वृद्धि: ₹18,747) |
| MGB (एमजीबी) | ₹15,588 | ₹9,300 |
| भत्ता वृद्धि | ₹3,000 | ₹3,225 (NPS सहित) |
| हाउस रेंट (HRA) | ₹5,346 (कंपनी क्वार्टर लेने वालों को देय नहीं) | ₹930 |
| कंटीजेंसी | ₹6,859 | ₹4,312 |
| फिक्स्ड DA | — |
एलाउंस में हुई वृद्धि की विस्तृत तालिका
| भत्ता (Allowance Type) | पुराना डेटा (Old Rate) | नया डेटा (New Rate) | शुद्ध वृद्धि (Net Increase) |
| वाहन रखरखाव भत्ता | ₹75 | ₹80 | + ₹5 |
| यूटिलिटी भत्ता | ₹550 | ₹800 | + ₹250 |
| नाइट शिफ्ट भत्ता | ₹160 | ₹225 | + ₹65 |
| शिक्षा भत्ता | ₹600 | ₹1000 | + ₹400 |
| मोबाइल व इंटरनेट भत्ता | ₹300 | ₹400 | + ₹100 |
| पर्सनल अलाउंस | ₹500 |
- टाटा स्टील ग्रेड समझौता : आरसी झा का नेतृत्व पर बड़ा हमला, कहा- ‘हित नहीं, कुर्सी बचाने में जुटे रहे पदाधिकारी’ - June 25, 2026
- टाटा स्टील वेज रिवीजन : उम्मीदें बड़ीं, फायदे कम, नए-पुराने दोनों ग्रेड के कर्मचारियों के चेहरे लटके - June 25, 2026
- जमशेदपुर प्रभात खबर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: वरिष्ठ पत्रकार कुमार आनंद का राउरकेला डेस्क पर तबादला, चर्चाएं तेज! - June 25, 2026

