कोलकाता. बीरभूम के प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारापीठ मंदिर के पास सोमवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया. तारापीठ थाना क्षेत्र स्थित पांच मंजिला होटल बिदेशिनी में आज सुबह लगभग 5:00 बजे भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक अग्निकांड में 7 तीर्थयात्रियों की दम घुटने और जलने से मौत हो गई, जबकि 11 से 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घायलों को तुरंत इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सावन सोमवार के चलते होटल में थी श्रद्धालुओं की भीड़
पवित्र सावन महीने के अंतिम सोमवार के अवसर पर माता तारापीठ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. मंदिर परिसर और थाने के समीप स्थित यह होटल श्रद्धालुओं से पूरी तरह भरा हुआ था. तड़के सुबह जब अधिकांश लोग अपने कमरों में गहरी नींद में सो रहे थे, तभी यह हादसा हुआ.
शॉर्ट सर्किट से फैली लपटें, दम घुटने से फँसे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत Ground Floor पर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार और रिसेप्शन क्षेत्र के पास हुई. प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. मुख्य द्वार पर तेजी से फैली लपटों और पूरी इमारत में भरे घने धुएं के कारण श्रद्धालुओं को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला. मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने से कई लोग कमरों के अंदर ही फंस गए.
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं. अग्निशमन दल ने कड़ी मशक्कत के बाद होटल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला.
बीरभूम के एएसपी नीलेश श्रीकांत गाइकर के अनुसार, राहत अभियान चलाकर सभी घायलों को रामपुरहाट अस्पताल भेजा गया है. मृतकों में उत्तर 24 परगना, मालदा और अलीपुरद्वार के श्रद्धालु शामिल बताए जा रहे हैं. फिलहाल जिला प्रशासन द्वारा मृतकों की आधिकारिक शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं.


