- चार महीने की एकमुश्त राशि का हुआ भुगतान
रांची. जिला प्रशासन ने पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश करते हुए जिले के 1,59,358 पात्र लाभार्थियों को चार महीने (अप्रैल से जुलाई 2026) की पेंशन का एकमुश्त भुगतान कर दिया है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल ₹63 करोड़ 74 लाख 32 हजार की भारी-भरकम राशि सीधे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के बैंक खातों में जमा कराई गई है. इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को ₹4,000 की सम्मान राशि प्राप्त हुई है.
मांडर और कांके प्रखंड पेंशन वितरण में सबसे आगे
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, रांची जिले के ग्रामीण इलाकों में इस योजना का व्यापक असर देखने को मिला है. पेंशन पाने वाले लाभार्थियों में सबसे अधिक संख्या मांडर प्रखंड (13,953 लाभार्थी) की रही. इसके बाद दूसरे स्थान पर कांके प्रखंड (13,201 लाभार्थी) और तीसरे स्थान पर सिल्ली (12,952 लाभार्थी) रहा. इसके अलावा बेड़ो, सोनाहातू, बुंडू, नामकुम और रातू सहित अन्य प्रखंडों के हजारों लोगों को भी इस सामाजिक सुरक्षा कवच का सीधा लाभ मिला है.
लंबित क्षेत्रों में प्रक्रिया जारी, प्रशासन ने किया आश्वस्त
अनगड़ा, चान्हो, तमाड़ और शहरी अंचल जैसे कुछ क्षेत्रों में पहले चरण का भुगतान अभी प्रक्रियाधीन है. इस संबंध में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी जांच पूरी होते ही इन क्षेत्रों के शेष बचे पात्र लाभार्थियों के खातों में भी जल्द से जल्द राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी. सरकार का संकल्प है कि राज्य का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस लाभ से वंचित न रहे.
पेंशन धारकों के लिए ‘आधार सीडिंग’ और ‘भौतिक सत्यापन’ अनिवार्य
पेंशन वितरण को बिना किसी रुकावट के भविष्य में भी जारी रखने के लिए जिला प्रशासन ने लाभार्थियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है. जिन लोगों के खातों में तकनीकी दिक्कतों के कारण राशि नहीं पहुंच पाई है, वे तुरंत अपने बैंक जाकर आधार सीडिंग (Aadhar Seeding) की प्रक्रिया पूरी कराएं. इसके साथ ही, भविष्य के सुचारू भुगतान के लिए संबंधित प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अपना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराना भी अनिवार्य किया गया है.





