रामगढ़ . झारखंड के कोयलांचल (धनबाद) से लेकर राजधानी रांची तक अपने आतंक का नेटवर्क फैलाने वाले प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है.
सोमवार की अहले सुबह रामगढ़, रांची और धनबाद जिले की पुलिस ने एक साझा ऑपरेशन में इस गैंग के बेहद शातिर और कुख्यात अपराधी शिवराज उर्फ शिवा डोम को एक भीषण मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की जवाबी फायरिंग में अपराधी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए भुरकुंडा के सीसीएल (CCL) अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद घटनास्थल और अपराधी की निशानदेही पर भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है. इसमें एक 9mm पिस्टल, एक 7.65mm पिस्टल और लगभग 60 पीस जिंदा कारतूस समेत कई अन्य सामग्रियां शामिल हैं.
खुफिया इनपुट पर बुना गया पुलिस का चक्रव्यूह
पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि रामगढ़ जिले के पतरातू (भुरकुंडा ओपी) थाना क्षेत्र के सयाल का रहने वाला शिवराज उर्फ शिवा (पिता- बिहारी राम) किसी बड़ी और सनसनीखेज आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है. इनपुट के मुताबिक, उसके निशाने पर रांची या धनबाद जिले का कोई बड़ा व्यवसायी या प्रतिष्ठान था, जहां वह प्रिंस खान गैंग के इशारे पर बड़ी वारदात करने वाला था.
मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों जिलों की पुलिस ने तुरंत एक संयुक्त विशेष टीम (SIT) का गठन किया. पुलिस ने त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए शिवराज को उसके ठिकाने से धर दबोचा.
बरामदगी के दौरान पुलिस पर ही झोंक दी कट्टा
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने शिवराज से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि उसने वारदात को अंजाम देने के लिए दो अवैध पिस्टल छिपाकर रखी हैं. सोमवार की सुबह करीब 4:40 बजे पुलिस की संयुक्त टीम उसे साथ लेकर हथियार बरामदगी के लिए ‘बीटीटीआई केंद्रीय विद्यालय रिवरसाइड’ के पास पहुंची.
वहां शिवराज ने बेहद शातिर चाल चली. उसने चालाकी दिखाते हुए पुलिस को एक हथियार तो बरामद करवा दिया, लेकिन उसी दौरान अचानक छुपाकर रखी गई दूसरी पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
अचानक हुए इस हमले से पुलिस टीम बाल-बाल बची. इसके बाद पुलिस ने त्वरित आत्मरक्षार्थ (Self-Defense) जवाबी कार्रवाई की. पुलिस की तरफ से हुई फायरिंग में एक गोली शिवराज के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दबोच लिया.
प्रिंस खान गैंग का नया मोहरा था शिवराज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिवराज उर्फ शिवा डोम इलाके का एक पुराना, शातिर और दुराचारी हिस्ट्रीशीटर है. वह पहले झारखंड के कुख्यात अमन श्रीवास्तव गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम करता था.
उसके बाद वह राहुल दुबे गिरोह में शामिल हो गया. इन दोनों ही गिरोहों की तरफ से रंगदारी, फायरिंग और लेवी वसूलने के मामलों में वह पहले भी कई बार जेल की हवा खा चुका है.
जेल से छूटने के बाद, उसने हाल ही में वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह से हाथ मिला लिया था. प्रिंस खान, जो इन दिनों विदेशों में बैठकर डिजिटल माध्यमों और गुर्गों के जरिए कोयलांचल के व्यापारियों को धमकाता है,
उसी के इशारे पर शिवराज इस बड़ी घटना की स्क्रिप्ट लिख रहा था. हालांकि, समय रहते पुलिस के इस साझा ऑपरेशन ने प्रिंस खान के नेटवर्क को एक और करारा झटका दे दिया है.
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