शक्ति की आराधना के पावन पर्व नवरात्रि के दौरान खुशियों और उत्सव का माहौल पल भर में मातम में बदल गया. देश के अलग-अलग हिस्सों से आयी खबरों ने देश भर को गमगीन कर दिया है. कुल 37 लोगों के मौत की खबर आयी है.
त्योहारों का मौसम अपनों के साथ जश्न मनाने, मंदिरों में दीप जलाने और मेल-मिलाप का होता है. नवरात्रि के इन पावन दिनों में पूरा देश माँ दुर्गा की आराधना में लीन था, हर तरफ उल्लास और रोशनी का माहौल था. लेकिन किसे पता था कि चंद पलों में यह पावन उत्सव देश के कई परिवारों के लिए जीवनभर का ऐसा नासूर बन जाएगा, जिसकी टीस कभी कम नहीं होगी. देश के तीन अलग-अलग शहरों, कोलकाता, ग्वालियर, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश से आई खबरों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. इन दर्दनाक हादसों में कुल 37 लोगों की मौत हो गई और कई घर हमेशा के लिए वीरान हो गए.
कोलकाता का चोरबागान पंडाल, आस्था की भीड़ और अपनों का बिछोह
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन चल रहा था. यहाँ का ऐतिहासिक चोरबागान पंडाल अपनी सुंदरता और भव्यता के लिए जाना जाता है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा था. लेकिन यहाँ जो हुआ, उसने सबको कंपा दिया. भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ ने देखते ही देखते कई जिंदगियों को लील लिया.
इस भयानक हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई. जो लोग माँ के दर्शन करने और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की दुआ मांगने आए थे, वे अपनों की अर्थी लेकर लौटे. इस दुर्घटना ने एक बार फिर बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
ग्वालियर में सड़क पर बिखरी श्रद्धा और कुचले गए सपने
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहाँ नवरात्रि के पावन अवसर पर कुछ श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पैदल मंदिर जा रहे थे. रास्ते में भक्ति और उल्लास का माहौल था, तभी काल बनकर आए एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने इन श्रद्धालुओं को बेरहमी से कुचल दिया.
इस भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. सड़क पर बिखरे हुए फूल, पूजन सामग्री और अपनों के शव देखकर किसी भी पत्थर दिल इंसान की आँखें नम हो जाएं. जिन घरों में पूजा की घंटियाँ बजनी थीं, वहाँ अब सिर्फ चीख-पुकार और मातम पसरा है.
तेलंगाना में डांडिया की चमक के बीच बुझ गया एक मासूम चिराग
तेलंगाना में नवरात्रि के उल्लास के बीच एक और हृदयविदारक हादसा हुआ. यहाँ एक डांडिया और गरबा कार्यक्रम का भव्य आयोजन चल रहा था, जहाँ युवा और बच्चे पारंपरिक परिधानों में थिरक रहे थे. खुशियों का माहौल था, तभी अचानक वहाँ लगा भारी-भरकम लाइटिंग ट्रस (स्ट्रक्चर) भरभराकर नीचे आ गिरा. इस हादसे की चपेट में आने से एक युवा छात्रा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. उत्सव का वह उल्लास पलभर में खौफनाक सन्नाटे में बदल गया.
यूपी में तेज रफ्तार का कहर, तीन की मौत
यूपी के बलरामपुर में देहात क्षेत्र के चरनगहिया-बेलहा गांव में शनिवार रात दुर्गा मंदिर के सामने तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे वीडियो देख रहे ग्रामीणों को रौंद दिया. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बहराइच रेफर किया गया है. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है.
पीड़ित परिवारों के आंसू पूरे देश की आंखें नम
यह दर्दनाक इत्तेफाक ही है कि एक ही समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन तीन हादसों में 34 बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. यह घटनाएं हमें सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हमारी थोड़ी सी लापरवाही या आयोजकों की अनदेखी किसी की ज़िंदगी से बढ़कर है?
आज कोलकाता, ग्वालियर और तेलंगाना के उन पीड़ित परिवारों के आंसू पूरे देश की आँखें नम कर रहे हैं. त्योहार हमें जीवन का जश्न मनाना सिखाते हैं, लेकिन ये हादसे यह भी याद दिलाते हैं कि जीवन कितना अनमोल और नाजुक है. ईश्वर इन सभी दिवंगत आत्माओं को शांति दे और उनके परिजनों को इस असहनीय वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करे.


