रांची. झारखंड सरकार ने राज्य के वित्त और कर प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. वाणिज्य-कर विभाग ने राज्य वित्त सेवा के 72 अधिकारियों को नियमित प्रोन्नति (Promotion) दी है, जबकि 19 अधिकारियों की नई पदस्थापना व स्थानांतरण (Transfer) का आदेश जारी किया है. इस संबंध में विभाग की संयुक्त सचिव पूनम कुजूर द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं.
प्रोन्नति और नया पे-स्केल: किसे क्या मिला?
जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य-कर सहायक आयुक्तों (Assistant Commissioners) को राज्य-कर उपायुक्त (Deputy Commissioners) के पद पर तथा राज्य-कर पदाधिकारियों (Tax Officers) को सहायक आयुक्त पद पर पदोन्नत किया गया है.
- पे-स्केल का लाभ: प्रोन्नत अधिकारियों को पे-बैंड PB-3 (₹15,600–₹39,100), ग्रेड-पे ₹7,600 एवं पुनरीक्षित पे-मैट्रिक्स लेवल-12 का लाभ दिया गया है.
- वित्तीय लाभ के नियम: यह प्रोन्नति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है, हालांकि वास्तविक वित्तीय लाभ झारखंड सेवा संहिता के नियम-58 और वित्त सेवा नियमावली के नियम-74 के तहत पदभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा.
- शर्त: आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध कोई विभागीय या अनियमितता संबंधी मामला सामने आता है, तो उनकी प्रोन्नति प्रभावित हो सकती है.
19 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना
राज्य-कर विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से 19 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है. राज्यपाल के आदेशानुसार जारी इस अधिसूचना के तहत प्रमुख अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- शमीक कुमार: अन्वेषण ब्यूरो (धनबाद प्रमंडल) से वित्त विभाग मुख्यालय.
- ऋषा: मुख्यालय (रांची) से वित्त विभाग.
- कृष्णकांत महतो: अन्वेषण (रांची एवं हजारीबाग प्रमंडल) से वित्त विभाग.
- अजय कुमार सिंह: पश्चिमी अंचल (रांची) से वित्त विभाग.
- अब्दुल खालिक: मुख्यालय (रांची) से पलामू अंचल, डालटनगंज (स्वयं के अनुरोध पर).
- सुधीर कुमार उपाध्याय: अन्वेषण ब्यूरो (दुमका) से धनबाद नागरिक अंचल (स्वयं के अनुरोध पर).
- कीर्ति वर्धन: जमशेदपुर अंचल से पलामू अंचल, डालटनगंज (स्वयं के अनुरोध पर).
- महेंद्र कुमार महतो: अन्वेषण ब्यूरो (धनबाद प्रमंडल) से वित्त विभाग.
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है तथा इसकी सूचना मुख्य महालेखाकार, मुख्यमंत्री सचिवालय और सभी संबंधित जिला उपायुक्तों व कोषागारों को भेज दी गई है.
कर संग्रहण और अन्वेषण को मिलेगी नई रफ्तार
झारखंड सरकार के इस बड़े फैसले से न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार होगा. वाणिज्य-कर विभाग को उम्मीद है कि नई पदस्थापनाओं और प्रोन्नति से राज्य में कर संग्रहण (Tax Collection) की प्रक्रिया सुचारू होगी और वित्तीय अन्वेषण (Tax Investigation) से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन हो सकेगा, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी.



