रांची: झारखंड के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों द्वारा झारखंड 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल टली: छठ तक सरकार को मोहलत, 6 मांगों पर बनी सहमति दी गई है। इस फैसले से राज्य के लाखों मरीजों और उनके परिजनों ने चैन की सांस ली है, क्योंकि इस हड़ताल के टलने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं अब बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
स्वास्थ्य विभाग के साथ बनी महत्वपूर्ण सहमति
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ की सकारात्मक बैठक हुई। इस उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, वेतन भुगतान में पारदर्शिता और श्रम सुविधाओं से जुड़ी छह प्रमुख मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बन गई। सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए संघ ने लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा तक अपने आंदोलन को पूरी तरह स्थगित करने का सराहनीय निर्णय लिया है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और समाधान
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से मनमाने तरीके से नौकरी से निकाले जाने पर रोक लगाने को लेकर सहमति बनी है। अब किसी भी कर्मचारी पर कार्रवाई से पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), सिविल सर्जन और संघ की संयुक्त टीम द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इसके अलावा, वेतन भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए एस्क्रो खाते की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
साथ ही, यह भी तय किया गया कि यदि कोई एंबुलेंस तकनीकी रूप से खराब हो जाती है या कोई केस नहीं मिलता है, तो ऐसी स्थिति में कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, ईएसआइसी, बीमा और अवकाश जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने पर भी गंभीर चर्चा हुई है।
मरीजों को मिली बड़ी राहत
108 एंबुलेंस सेवा सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर मरीजों के लिए जीवन रेखा मानी जाती है। यदि हड़ताल होती तो सूबे की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा सकती थी। फिलहाल सरकार और कर्मचारियों के बीच बनी इस सहमति से त्योहार के इस माहौल में मरीजों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 18 नवंबर तक सभी मांगों पर ठोस और व्यावहारिक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए स्वतंत्र होंगे।


