जमशेदपुर. मानगो नगर निगम (MNC) का प्रशासनिक भवन इन दिनों जनसमस्याओं के समाधान का केंद्र बनने के बजाय राजनीतिक वर्चस्व का अखाड़ा बना हुआ है. मानगो नगर निगम बोर्ड की बैठक में विकास योजनाओं और नागरिक सुविधाओं पर चर्चा होने के बजाय जनप्रतिनिधियों के समर्थकों के बीच तीखी झड़प और भारी हंगामा देखने को मिला.
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी व मेयर सुधा गुप्ता और जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय के बीच लंबे समय से चली आ रही सियासी तल्खी इस बैठक में पूरी तरह उजागर हो गई. मुंशी मोहल्ला के पार्षद द्वारा विकास योजनाओं को लेकर पूछे गए एक सवाल पर मेयर और विधायक के समर्थक पार्षद आमने-सामने आ गए, जिसके बाद सदन में करीब 15 मिनट तक जमकर बवाल हुआ.
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत तो हुआ, लेकिन इस गुटबाज़ी और राजनीतिक घमासान में मानगो की आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दे एक बार फिर नेपथ्य में धकेल दिए गए.
राजनीतिक रार, अधर में पेयजल, सफाई और सड़कों का मुद्दा
सदन के भीतर जारी इस सियासी खींचतान की वजह से मानगो क्षेत्र के कई संवेदनशील और अति-आवश्यक मुद्दे अधर में लटके हुए हैं.
- पीने के पानी की भारी किल्लत: गर्मी हो या सामान्य दिन, मानगो के कई प्रमुख इलाकों में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है. जलापूर्ति योजनाओं के विस्तार और रखरखाव से जुड़े काम रुके पड़े हैं.
- सफाई व्यवस्था बदहाल: नियमित कचरा उठाव और नालियों की सफाई का कोई ठोस रोडमैप लागू नहीं हो पा रहा है, जिससे रिहाइशी इलाकों में गंदगी फैल रही है.
- जर्जर और बदहाल सड़कें: बारिश और गड्ढों से बेहाल आंतरिक सड़कों की मरम्मत व चौड़ीकरण के प्रस्ताव कागजों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं.
पहली बोर्ड बैठक के फैसलों पर भी अब तक काम ठप
प्रशासनिक शिथिलता का आलम यह है कि इसी वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह में आयोजित हुई पहली बोर्ड बैठक में जिन महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों पर मुहर लगी थी, उन पर अब तक काम शुरू नहीं हो सका है. लगातार हो रहे राजनीतिक टकराव और हंगामे के कारण न तो नए प्रस्तावों को पास कराने का माहौल बन पा रहा है और न ही पुरानी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है. विधायक सरयू राय ने बिना तय एजेंडे के बैठक बुलाने पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी बजट आवंटन की मांग भी रखी.
सांसद की पहल, समाधान और विकास का दिया आश्वासन
बैठक में मौजूद सांसद विद्युत वरण महतो ने गतिरोध को दूर करने का प्रयास किया. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आपसी मतभेद भुलाकर जनहित में काम करने की अपील की. सांसद ने आश्वस्त किया कि मानगो की पेयजल समस्या, बदहाल सड़कों और सफाई व्यवस्था का जल्द से जल्द निवारण कराया जाएगा.
अब देखना यह होगा कि निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस राजनीतिक हंगामे से बाहर निकलकर मानगो की जनता को राहत दिला पाते हैं या विकास योजनाएं यूँ ही सियासी खींचतान की बलि चढ़ती रहेंगी.


