सरायकेला: झारखंड के सरायकेला जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक महिला अपने पति की मारपीट और प्रताड़ना से बचने के लिए थाने में सुरक्षा और मदद की गुहार लगाने पहुंची थी, उसी थाने के भीतर उसके साथ घृणित अपराध को अंजाम दिया गया। पुलिस सुरक्षा के नाम पर बने थाने की चारदीवारी के अंदर हुई इस संवेदनहीनता ने खाकी की कार्यशैली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 29 अक्टूबर की रात की है। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने लिखित आवेदन में बताया कि शाम के वक्त उसके पति के साथ उसका विवाद हुआ था, जिसके बाद उसे अंदेशा था कि रात में उसके साथ मारपीट की जा सकती है। इसी डर से वह घर छोड़कर पास की एक महिला के घर शरण लेने पहुंची और पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया।
रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाने की पीसीआर वैन मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले आई। महिला को उम्मीद थी कि पुलिस स्टेशन में वह पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। लेकिन आरोप है कि वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने उसे आराम करने के लिए बगल वाले कमरे में भेज दिया, जहाँ थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर (सहायक अवर निरीक्षक) नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
प्रशासनिक कार्रवाई और गिरफ्तारियां:
मामले के तूल पकड़ने और पुलिस महकमे में हड़कंप मचने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई है:
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: एसआईटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने उसके कमरे से घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त कर लिए हैं।
बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: इस शर्मनाक कृत्य और लापरवाही के बाद थाने के थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत कुल छह पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित किए गए कर्मियों में थाना प्रभारी संजय प्रसाद, पुलिस अवर निरीक्षक अनिरुद्ध सिंह, मनोज साहू, आरक्षी संतोष राय, हवलदार मुनेश्वर कुमार और आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा शामिल हैं। इस घटना ने एक बार फिर थानों में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।


