लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को लगभग 11 महीने बाद जेल से रिहा होने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में की गई है। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
रामपुर जेल के बाहर हुई नाटकीय गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा किया जाना था। उनके बाहर आने की संभावना को देखते हुए जेल के बाहर उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। जैसे ही आजम खान जेल से बाहर आए, लखनऊ स्थित ईडी जोनल कार्यालय से पहुंची 16 सदस्यीय टीम ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।
ईडी की यह कार्रवाई 2019 में दर्ज ईसीआइआर (ECIR) और गाजियाबाद अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी उन्हें तुरंत गाजियाबाद ले गई, जहां उन्हें अदालत में पेश कर कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को रिहा कर दिया गया।
जौहर यूनिवर्सिटी और संपत्तियों पर शिकंजा
जांच एजेंसी के अनुसार, जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में भारी मात्रा में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ईडी ने हाल ही में विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों से जुड़ी 42.46 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। एजेंसी का दावा है कि वैध स्रोतों के मुकाबले विश्वविद्यालय के निर्माण में काफी अधिक खर्च किया गया है और इसमें सरकारी धन के इस्तेमाल के पुख्ता सबूत मिले हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ठेकों और स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से जुड़े फंड्स की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आजम खान का दर्द
रिहाई के तुरंत बाद दोबारा गिरफ्तार होने पर आजम खान काफी तल्ख नजर आए। मीडिया द्वारा प्रतिक्रिया मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें मुसलमान होने और समाज के लिए स्कूल तथा यूनिवर्सिटी बनाने की सजा भुगतनी पड़ रही है। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी दर्द जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें उनके नाम की सजा मिल रही है।
वहीं, इस पूरी कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मौजूदा हुक्मरानों को यह याद रखना चाहिए कि वक्त और तख्त दोनों बदलते हैं। उन्होंने एक उम्रदराज नेता पर बार-बार ऐसे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल में डालने की कार्रवाई को ‘कायराना हरकत’ करार दिया।
फिलहाल, इस ताज़ा गिरफ्तारी के बाद सपा खेमे में निराशा और आक्रोश का माहौल है, जबकि कानूनी मोर्चे पर आजम खान की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं।


