नई दिल्ली. देश के लाखों ईपीएस (EPS) पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आ सकती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही न्यूनतम मासिक पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये कर सकता है। इस अहम फैसले पर मुहर लगने की उम्मीद 19 नवंबर को गुजरात के गिर में होने वाली EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 240वीं बैठक में लगाई जा सकती है।
क्यों उठ रही है पेंशन बढ़ाने की मांग?
केंद्र सरकार ने सितंबर 2014 में ईपीएस के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह तय की थी। पिछले एक दशक में देश में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है। पेंशनभोगी संगठनों और ट्रेड यूनियनों का लंबे समय से यह कहना है कि आज के दौर में 1,000 रुपये की मामूली राशि से दवाइयों और बुनियादी जरूरतों को पूरा करना नामुमकिन है। इसलिए, न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने के साथ-साथ इस पर महंगाई भत्ता (DA) जोड़ने की भी पुरजोर मांग की जा रही है।
इस बार क्यों जग उठी हैं उम्मीदें?
वेतन सीमा में इजाफा: हाल ही में केंद्र सरकार ने EPFO के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए अनिवार्य वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये मासिक कर दिया है।
मंत्रालय के सकारात्मक संकेत: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने भी पहले संकेत दिए थे कि सरकार नियमों की समीक्षा कर रही है और पेंशन बढ़ाने की मांग पर सकारात्मक रुख अपना सकती है।
ऐतिहासिक होगी 19 नवंबर की बैठक
यह बैठक कई मायनों में बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि दिल्ली स्थित EPFO मुख्यालय से बाहर निकलकर बोर्ड कई वर्षों बाद किसी अन्य राज्य में बैठक करने जा रहा है। अब देश भर के लाखों पेंशनभोगियों की निगाहें पूरी तरह से 19 नवंबर की इस निर्णायक बैठक पर टिकी हुई हैं।


